जिला चिकित्सालय की तर्ज पर अब ऋषिकेश चिकित्सालय में बनेगा मॉडल टीकाकरण कक्ष, विस्तारीकरण के साथ फैसिलिटी भी, एसी, व बच्चों के मनोरंजन अनुरूप सुविधा
डीएम के माह अक्टूबर के प्रथम निरीक्षण की तुलना इस विजिट में चिकित्सालय की सुविधा में दिखा अन्तर
जिले के सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से आच्छादित करने में जुटे डीएम
मा0 सीएम के निर्देश; जनमन के सरकारी चिकित्सालय हो सुविधायुक्तः डीएम
उप जिला चिकित्सालय की अपनी पहली विजिट में डीएम ने 40 लाख ब्लड सेपरेटर मशीन की थी स्वीकृत ; इसी माह की जा रही है स्थापित
लैब टेक्निशियन, एसएनसीयू स्टॉफ पदों की स्वीकृति मौके पर ही
डीएम ने अपनी फर्स्ट विजिट; में संचालित कराया था चिकित्सालय का आईसीयू, माह में लगभग 50 मरीज ले रहे लाभ
चिकित्सालय में संचालित चन्दन लैब में अव्यवस्थाओं पर भड़क़े डीएम; सीएमएस को 15 दिन में व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश
चन्दन लैब अब 24×7 रहेगी संचालित; भुगतान एसडीएम एसीएमओ के सत्यापन उपरान्त ही
चिकित्सालय में महिला,पुरूष, बुजुर्ग एवं सामान्य वर्ग के होंगे अलग-2 दवा वितरण कांउटर
लिफ्ट एवं आरओ खराब होने पर डीएम का चढा पारा; सीएमएस को फटकार, एक सप्ताह के भीतर ठीक कराने के निर्देश
देहरादून 18 जून, 2025(सू.वि.), जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष, पैथोलॉजी लैब, दवाई वितरण कांउटर, सर्जिकल वार्ड, आपरेशन कक्ष, टीकाकरण कक्ष, टीबी वार्ड, ट्रामा सेन्टर, बाल रोग वार्ड, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से उनका हॉलचाल जाना तथा टीकाकरण कक्ष में स्टॉप, महिलाओं, तीमारदारों से चिकित्सालय में व्यवस्था के सम्बन्ध में जानकारी ली। लिफ्ट संचालित न होने तथा आरओ खराब होने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था बनाने के निर्देश। जिलाधिकारी ने टीकाकरण विस्तारीकरण, टीकाकरण कक्ष में एसी, डिजिटल प्रिंटर लगाने, टीकाकरण में स्टॉप बढाने तथा एसएनसीयू संचालन के लिए स्टॉफ भर्ती स्वीकृति/निर्देश दिए।
मा0 सीएम के निर्देश; जनमन के सरकारी चिकित्सालय हो सुविधायुक्तकरने के निर्देशों के क्रम में डीएम जिले में सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से आच्छादित करने में जुटे है। डीएम का पूरे 2 घंटे का औचक निरीक्षण, चिकित्सालय को दे गया सौगात, जल्द होगा अस्पताल का अपना SNCU बड़ा टीकाकरण केन्द्र। जिला चिकित्सालय की तर्ज पर अब ऋषिकेश चिकित्सालय में बनेगा मॉडल टीकाकरण कक्ष, विस्तारीकरण के साथ फैसिलिटी भी, एसी, व बच्चों के मनोरंजन अनुरूप सुविधा स्थापित किया जाएगा। डीएम के माह अक्टूबर के प्रथम निरीक्षण की तुलना इस विजिट में चिकित्सालय की सुविधा में बड़ा अन्तर दिखाई दिया है। डीएम ने सुविधाओं को निरंतर बढाने के निर्देश दिए। उप जिला चिकित्सालय की अपनी पहली विजिट में डीएम ने 40 लाख ब्लड सेपरेटर मशीन की थी स्वीकृत की थी जो इसी माह स्थापित की जा रही है। डीएम ने लैब टेक्निशियन, एसएनसीयू स्टॉफ पदों की मौके पर ही स्वीकृति दी। डीएम ने अपनी फर्स्ट विजिट; में चिकित्सालय का आईसीयू संचालित कराया था माह में लगभग 50 मरीज लाभ ले रहे हैं। चिकित्सालय में संचालित चन्दन लैब में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने सीएमएस को 15 दिन में व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए। वहीं चन्दन लैब अब 24×7 रहेगी संचालित करने तथा लैब का भुगतान एसडीएम एसीएमओ के सत्यापन उपरान्त ही दिए जाने को कहा। डीएम ने चिकित्सालय में महिला,पुरूष, बुजुर्ग एवं सामान्य वर्ग के होंगे अलग-2 दवा वितरण कांउटर बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम की नजर खराब लिफ्ट एवं आरओ खराब पर पड़ी जिस पर डीएम का पारा चढ गया। उन्होंने सीएमएस को फटकार, एक सप्ताह के भीतर ठीक कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चंदन लैब में अव्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाई तथा 15 दिन के भीतर निर्धारित शर्तों के अनुसार व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए साथ ही चंदन लैब का भुगतान उप जिलाधिकारी ऋषिकेश एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के सत्यापन के उपरान्त ही करने के निर्देश दिए। चिकित्सालय में पर्याप्त लैब टैक्निशियन न होने पर निर्देशित किया कि लैब टैक्निशियन नियमित भर्ती तक उपनल के माध्यम से लैब टैक्निशियन रखे जांए इसके लिए स्वीकृति प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने लिफ्ट एवं आरओ खराब पाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि गढवाल के सब अस्पताल जो गढवाल का द्वार है उसमें सभी व्यवस्थाएं सुविधाएं सुचारू रहें।
जिलाधिकारी ने एसएनसीयू की स्थिति जानी जिस पर बताया कि स्टॉफ की कमी के कारण संचालित नही हो पाया है, जिलाधिकारी से सीएमएस से पूछा कि एसएनसीयू के स्टॉफ के लिए मुख्य विकास अधिकारी की के संज्ञान लाते हुए एसएनसीयू के लिए स्टॉप चिकित्सक की व्यवस्था बनाते हुए संचालित कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान टीकाकरण कक्ष में कम जगह होने तथा एसी न लगे होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय की तर्ज पर टीकाकरण कक्ष का विस्तारीकरण किया जाए तथा एसी लगाए जाएं। चिकित्सालय का एक ही औषधि कक्ष खुला होने तथा बाकी बंद रखने पर फटकार लगाते हुए कांउटर खुलवाये निर्देश दिए कि चिकित्सा में महिला, पुरूष, बुजुर्ग एवं सामान्य वर्ग के अलग-2 काउंटर संचालित करे स्टॉफ बिठाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नर्सिंग स्टेशन तथा चंदन लैब पर 24×7 संचालित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आईसीयू, आपरेशन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की जिस पर बताया कि आईसीयू में 40 से 50 मरीज प्रतिमाह आते हैं, तथा माह में लगभग 50 मेजर आपरेशन तथा 45 मायनर आपरेशन किये जाते हैं। डीएम ने आईसीयू में आक्सीजन सप्लाई, मॉनिटिर आदि की जानकारी प्राप्त करते हुए उच्च स्तरीय व्यवस्था बनाए जाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नगर निगम शैलेन्द्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगश मेहर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार सहित तहसीलदार ऋषिकेश चमन सिहं आदि मौजूद रहे।
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कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।
1- बद्रीनाथ धाम में स्थित आईएसबीटी वॉल्स पर में मास्टर प्लान के अंतर्गत में म्यूरल आर्ट वार्क किया जाएगा, जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की है।
2- सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट के 1 निसंवर्गीय पद को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट लेवल 11 के पद को 5 साल के लिए सृजन किया गया है। जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी है। यह एक निसंवर्गीय पद है।
3 – पशुपालन विभाग की योजना जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों को पशुपालन के लिए 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है, और डेयरी विकास की गंगा गाय योजना के विलय को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। अब इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों के साथ सामान्य वर्ग के लोगों को भी दिया जाएगा।
पशुपालन विभाग के अंतर्गत पशुधन प्रसार अधिकारियों के चयन के बाद इन्हें 2 साल तक का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण की अवधि को 2 साल से घटाकर 1 वर्ष किए जाने के निर्णय को कैबिनेट ने दी अपनी मंजूरी।
मुख्य सचिव हर माह और मण्डलायुक्त प्रत्येक सप्ताह करेंगे यात्रा की तैयारियों की समीक्षा।
यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत हेल्पलाइन नंबर किया जायेगा जारी।
कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए समुचित प्रबंधन के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
उत्तराखंड राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक हुई आयोजित आज कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में उत्तराखंड राजीव गांधी…
कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव हैं देश के सबसे युवा परमवीर विजेता
कारगिल युद्ध के दौरान 4 जुलाई 1999 की कार्रवाई के लिए उन्हें उच्चतम भारतीय
सेना सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया
श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से लिया आशीर्वाद, शिष्टाचार भेंट की
देहरादून। परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह यादव ने मंगलवार को श्री दरबार साहिब में माथा टेका। उन्होंने श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के साथ शिष्टाचार भेंट की और आशीर्वाद प्राप्त किया। कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव देश के सबसे युवा परमवीर विजता हैं और एक सेवानिवृत भारतीय सैन्य अधिकारी हैं। कारगिल युद्ध के दौरान 4 जुलाई 1999 की कार्रवाई के लिए उन्हें उच्चतम भारतीय सेना सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। वह देश के युवाओं के बीच भारतीय सेना के एक जाॅबाज़ स्थापित रोल माॅडल के रूप में जाने जाते हैं।
मंगलवार को श्री दरबार साहिब की परंपरा के अनुसार परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह यादव का स्वागत किया गया। श्रीमहंत देवेन्द्र जी महाराज के साथ भेंटवार्ता के दौरान उन्होंने सैन्य जीवन से जुड़े अनुभवों को सांझा किया। कारगिल युद्ध के हीरो योगेन्द्र सिंह यादव बुलंदशहर के निकट औरंगाबाद अहीर के रहने वाले हैं। कारगिल युद्ध के दौरान उनके शरीर में 17 गोलियां समा चुकी थीं लकिन परमवीर योगेन्द्र सिंह यादव का जज्बा नहीं डिगा, डिगता भी कैसे उनके रोम रोम में देशप्रेम उन्हें साहस दे रहा था। योगेन्द्र सिंह रावत ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि देश की रक्षा सर्वोपरि है। देश की रक्षा में सैनिकों का योगदान महत्वपर्णं है। सैनिकों के हौंसले से ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। उन्होंने एसजीआरआर एजुकेशन मिशन, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय व श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की।
उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने राज्य के विकास से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों के संबंध में भारत सरकार के…
नेता प्रतिपक्ष श्री यशपाल आर्य, ने कहा कि उत्तराखंड के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर ट्रैफिक जाम अब एक गंभीर समस्या बन चुका है। नियमित जाम की समस्या एक गंभीर विषय है। इसे दूर करने का सरकार के पास कोई रोड मैप नजर नहीं आ रहा है।
श्री आर्य ने कहा कि नैनीताल कैंची धाम पर गाड़ियों की लंबी जाम रोज देखने को मिल रही है सुबह हो या रात हर दिन जाम की समस्या ने लोग व पर्यटक परेशान हो रहे हैं। वाहनों का दबाव बढ़ने से कैंची में जाम से लोग जूझ रहे हैं। रानीबाग- भीमताल, भीमताल-भवाली, भवाली-कैंची, ज्योलीकोट-भवाली, नैनीताल-भवाली और अल्मोड़ा-कैंची समेत भवाली और कैंची को रामगढ़ से जोड़ने वाली सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने से कदम कदम पर जाम रहता है। कैंची धाम में बढ़ते श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण नैनीताल ही नहीं अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के रास्ते भी प्रभावित हो रहे हैं। यह जाम इन जिलों के लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है।
नेताप्रतिपक्ष ने कहा कि कैंची धाम में लंबा जाम, क्वारब व अन्य क्षेत्रों में सड़के खराब होने से हल्द्वानी से कुमाऊँ के इन पर्यटन स्थलों के सफर का समय दोगुने से भी अधिक हो गया है। जिससे लंबी दूरी तय कर पहुंचने वाले पर्यटक कुमाऊँ की ओर रुख करने से भी कतराने लगे है। हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग में कैंची के पास जाम लगने से अल्मोड़ा, व बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिलों का व्यापार सहित आमजन और यात्रियों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के बाद भी सड़क पर समुचित तरीके से यातायात व्यवस्था संचालित कराने की व्यवस्था नही होने,
घंटों लग रहे जाम से आमयात्रियो और पहाड़ को आने वाले मालवाहको को जाम का सामना करना पड़ता है, जिससे समय से व्यापारियों को सामान नही मिल पाता है। जाम के कारण अल्मोड़ा बागेश्वर ,रानीखेत और हल्द्वानी जैसी बड़ी बाजारों की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।
श्री आर्य ने कहा कि जाम से सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं बच्चे और बीमार मरीज। सर्वविदित है पहाड़ों के सभी हॉस्पिटल अब हॉस्पिटल कम और रेफर सेंटर ज्यादा हैं। अल्मोड़ा बागेश्वर, रानीखेत पिथौरागढ़ से अधिकतम मरीज हल्द्वानी या मैदानी हॉस्पिटलों को रेफर किये जाते हैं और वहीं मरीज कैंची धाम के जाम में फंसकर जिंदगी मृत्यु के बीच जूझते रहते हैं।ये केवल आवागमन का ही संकट नहीं है बल्कि धुएँ-धूल के कारण इसका सीधा संबंध पर्यावरण प्रदूषण, जन-स्वास्थ्य से भी है। साथ ही इसका आर्थिक संबंध जाम में खड़े-खड़े, पैसों से खरीदे गये बिना बात के फुँकते तेल से जनता की जेब से भी है तथा फालतू की उलझन की वजह से पैदा होनेवाली झुंझलाहट से भी है जिसका सीधा दुष्प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
नेताप्रतिपक्ष ने कहा कि हालात खराब होने के बावजूद शासन प्रशासन अभी तक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का कोई और तरीका ढूंढ पाने में असफल है। भाजपा राज में विकास-विहीन उत्तराखंड शासनिक-प्रशासनिक जाम में फँस गया है। सरकार को सिर्फ अस्थायी इंतजाम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक योजना बनाने की जरूरत है ।अगर जल्द से जल्द सरकार ने इस विकराल होती समस्या को गंभीरता से नहीं लिया तो भविष्य में होने वाले भयंकर जाम से पहाड़ के निवासियों की हालत बद से बदत्तर न हो जाय।
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अध्यक्षता में आज उत्तराखंड भाषा संस्थान की साधारण सभा एवं प्रबंध कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान सीएम धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की की भेंट स्वरूप बुके के बदले बुक के प्रचलन को राज्य में बढ़ावा दिया जाए । सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की बोलियों, लोक कथाओं, लोकगीतों एवं साहित्य के डिजलिटीकरण की दिशा में कार्य किये जाएं। इसके लिए ई-लाइब्रेरी बनाई जाए। लोक कथाओं पर आधारित संकलन बढ़ाने के साथ ही इन पर ऑडियो विजुअल भी बनाये जाएं। स्कूलों में सप्ताह में एक बार स्थानीय बोली भाषा पर भाषण, निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड भाषा एवं साहित्य का बड़े स्तर पर महोत्सव किया जाए, इसमें देशभर से साहित्यकारों को बुलाया जाए। उत्तराखण्ड की बोलियों का एक भाषाई मानचित्र बनाया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान की राशि 05 लाख से बढ़ाकर 05 लाख 51 हजार की जायेगी। राज्य सरकार द्वारा दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान भी दिया जायेगा, जिसकी सम्मान राशि 05 लाख रूपये होगी। राजभाषा हिन्दी के प्रति युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए युवा कलमकार प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इसमें दो आयु वर्ग में 18 से 24 और 25 से 35 के युवा रचनाकारों को शामिल किया जायेगा।
राज्य के दूरस्थ स्थानों तक सचल पुस्तकालयों की व्यवस्था कराने के साथ ही पाठकों के लिए विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकें एवं साहित्य उपलब्ध कराने के लिए बड़े प्रकाशकों का सहयोग लेने पर सहमति बनी। भाषा संस्थान लोक भाषाओं के प्रति बच्चों की रूचि बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे वीडियो तैयार कर स्थानीय बोलियों का बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जौनसार बावर क्षेत्र में पौराणिक काल से प्रचलित पंडवाणी गायन ‘बाकणा’ को संरक्षित करने के लिए इसका अभिलेखीकरण किया जायेगा। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा प्रख्यात नाट्यकार ‘गोविन्द बल्लभ पंत’ का समग्र साहित्य संकलन, उत्तराखण्ड के साहित्यकारों का 50 से 100 वर्ष पूर्व भारत की विभन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित साहित्य का संकलन और उत्तराखण्ड की उच्च हिमालयी एवं जनजातीय भाषाओं के संरक्षण एव अध्ययन के लिए शोध परियोजनों का संचालन किया जायेगा। राज्य में प्रकृति के बीच साहित्य सृजन, साहित्यकारों के मध्य गोष्ठी, चर्चा-परिचर्चा के लिए 02 साहित्य ग्राम बनाये जायेंगे।
इस अवसर पर भाषा मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पिछले तीन सालों में उत्तराखण्ड में भाषा संस्थान द्वारा अनेक नई पहल की गई है। भाषाओं के संरक्षण और संवर्द्धन के साथ ही स्थानीय बोलियों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। भाषा की दिशा में लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक पुरस्कार दिये जा रहे हैं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री वी.षणमुगम, श्री श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक भाषा श्रीमती स्वाति भदौरिया, अपर सचिव श्री मनुज गोयल, कुलपति दून विश्वविद्यालय डॉ. सुरेखा डंगवाल, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
प्राधिकरण द्वारा हरिद्वार रोड निकट विंडलास रीवर वैली कुंवावाला में मनीष सहगल , नितिन सहगल द्वारा लगभग 12 बीघा में की जा…
