(53 साल के अभिनव कुमार 1996 बैच के आईपीएस हैं।अभिनव कुमार उत्तराखंड के 12वें डीजीपी के रूप में तैनात हुए हैं। आईपीएस अभिनव कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं। उनकी छवि एक तेज तर्रार अधिकारी की है। उत्तराखंड गठन के बाद अभिनव कुमार यहां आ गए थे। यहां उन्होंने विभिन्न जिलों की कप्तानी भी संभाली। वह 2009 में डीआईजी और 2014 में आईजी बने। इससे पहले अभिनव कुमार हरिद्वार और देहरादून जैसे बड़े जिलों के पुलिस कप्तान रहे हैं। कुछ महीनों तक उन्होंने आईजी गढ़वाल के पद पर सेवा दी है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में सेवा दी। वहीं पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार 30 नवंबर को पद से रिटायर हो गए। रिटायर होने पर अशोक कुमार को पुलिसकर्मियों ने भावभीनी विदाई दी।)
उत्तराखंड में भी इस बार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किए गए हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बेहद करीबी माने जाने वाले साल 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार राज्य के नए पुलिस मुखिया बन गए हैं। पूर्व डीजीपी अशोक कुमार ने नवनियुक्त डीजीपी अभिनव कुमार को गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में चार्ज सौंपा। अभिनव कुमार 12वें डीजीपी के रूप में तैनात हुए हैं। अशोक कुमार ने पारंपरिक रूप से पुलिस बैटन सौंपकर कहा कि उत्तराखंड पुलिस अब सक्षम हाथों में है। इसी के साथ अशोक कुमार पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हो गए हैं। अभिनव कुमार मुख्यमंत्री के विशेष सचिव हैं । इसके साथ अभिनव कुमार एडीजी इंटेलिजेंस उत्तराखंड का जिम्मा संभाल रहे हैं। बुधवार, 29 नवंबर की शाम को शासन ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। बता दें कि गुरुवार 30 नवंबर को मौजूद डीजीपी अशोक कुमार रिटायर हो गए। 53 साल के अभिनव कुमार 1996 बैच के आईपीएस हैं। आईपीएस अभिनव कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले हैं। उनकी छवि एक तेज तर्रार अधिकारी की है। उत्तराखंड गठन के बाद अभिनव कुमार यहां आ गए थे। यहां उन्होंने विभिन्न जिलों की कप्तानी भी संभाली। वह 2009 में डीआईजी और 2014 में आईजी बने। इससे पहले अभिनव कुमार हरिद्वार और देहरादून जैसे बड़े जिलों के पुलिस कप्तान रहे हैं। कुछ महीनों तक उन्होंने आईजी गढ़वाल के पद पर सेवा दी है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में सेवा दी। जिस वक्त जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाई गई, अभिनव कुमार के हाथ में कमान थी। उत्तराखंड में राज्य गठन 2000 से अब तक 11 डीजीपी बन चुके हैं। वर्तमान डीजीपी अशोक कुमार 11वें डीजीपी हैं। उनके बाद राज्य में 12वें आईपीएस अभिनव कुमार, डीजीपी कार्यवाहक अभिनव कुमार होंगे। बता दें कि उत्तराखंड डीजीपी की रेस में दीपम सेठ, पीवीके प्रसाद का नाम चर्चाओं में था। दीपम सेठ अभी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनमें अभिनव कुमार पर धामी सरकार ने विश्वास जताया है। राज्य का नया डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) कौन होगा इसको लेकर लंबे समय से संशय बना हुआ था। आखिरकार धामी सरकार ने अभिनव कुमार को राज्य के नए मुखिया की कमान दे दी ।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को पुलिसकर्मी ने दी भावभीनी विदाई–
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार 30 नवंबर को पद से रिटायर हो गए। रिटायर होने पर अशोक कुमार को पुलिसकर्मियों ने भावभीनी विदाई दी। गुरुवार को देहरादून पुलिस लाइन में विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। डीजीपी अशोक कुमार सम्मान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने सेवा काल में हुए अनुभवों को साथी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के सामने साझा किया। उत्तराखंड पुलिस की तरफ से अशोक कुमार को शानदार विदाई दी गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार कार में बैठे हैं। कार को फूलों से सजाया गया है। उत्तराखंड पुलिस के जवान डीजीपी की कार को रस्सियों से खींच रहे हैं। बैकग्राउंड में बैंड की सुरीली धुन भी सुनाई दे रही है। पुलिस के जवान डीजीपी अशोक कुमार की कार को रस्सियों से खींचकर कुछ दूर ले जाते हैं। शानदार विदाई के वीडियो को अशोक कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया है। 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार 11वें पुलिस महानिदेशक थे। उन्होंने अनिल कुमार रतूड़ी से कार्यभार ग्रहण किया था। डीजीपी पद पर नियुक्ति से पहले अशोक कुमार प्रदेश में पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून-व्यवस्था का दायित्व संभाल रहे थे। पुलिस जवानों के बीच अशोक कुमार सौम्य और नरम सौभाव के लिए जाने जाते हैं। पुलिस मुख्यालय में उन्होंने व्यवहार कुशलता से साथियों का भरोसा जीत लिया था। सेवा काल में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अशोक कुमार आम जनता को आसानी से उपलब्ध होते थे। अशोक कुमार ने अपने विदाई समारोह को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ‘मेरे सम्मान में इस समारोह को आयोजित करने के लिए धन्यवाद। यह मेरी 34 साल से अधिक लंबी पुलिस सेवा का आखिरी दिन है। यह मेरा खाकी वर्दी पहनने का आखिरी दिन है। इसने मुझे सेवा के सैकड़ों अवसर दिए। ढेर सारी चुनौतियां भी मिलीं। जब मैंने डीजीपी का कार्यभार संभाला, तो हमारे सामने कोविड की चुनौती थी। हमने उस चुनौती का डटकर सामना किया। अशोक कुमार की जगह पर आईपीएस अधिकारी अभिनव कुमार को उत्तराखंड का नया कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। उत्तराखंड में भी लागू की गई वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उन्होंने गुरुवार को पदभार संभाल लिया। 1996 बैच के आईपीएस अभिनव कुमार की छवि तेज तर्रार अधिकारी के तौर पर जानी जाती है।नवनियुक्त डीजीपी अभिनव कुमार ने समारोह में कहा कि, ‘मुझ पर भरोसा दिखाने के लिए मैं सरकार और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं। क्योंकि एक राज्य का डीजीपी होना एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं 1999 से यहां पुलिस बल में काम कर रहा हूं। जब उत्तराखंड का गठन हुआ था, तब मैं एएसपी था। इसलिए मेरे लिए यह गर्व की बात है कि पुलिस बल का गठन मेरे सामने हुआ। आज मुझे उसका नेतृत्व करने का मौका मिला है। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा।



