
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हर बार विदेश दौरे में उनके बयानों को लेकर भाजपा फ्रंटफुट पर आ जाती है। इस बार भी अमेरिका दौरे के दौरान राहुल गांधी के दिए गए बयानों के बाद भारत में राजनीति तेज है। राहुल गांधी के आरक्षण वाले बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी को साफ-साफ कह दूं कि जब तक भाजपा है तब तक न तो कोई आरक्षण खत्म कर सकता है और न ही कोई देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर सकता है। राहुल अभी अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा पर गए थे । इस दौरान उन्होंने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी और वर्जीनिया के उपनगर हर्नडॉन सहित कई अन्य स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित किया और भारत में लोकतंत्र तथा चुनाव सहित कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। भाजपा के नेता उनकी टिप्पणियों को भारत विरोधी बता रहे हैं और उन पर पिछले कुछ दिनों से हमले कर रहे हैं। राहुल ने मंगलवार को वाशिंगटन में ‘नेशनल प्रेस क्लब’ में संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत में लोकतंत्र को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया गया है लेकिन अब लोकतंत्र फिर से पटरी पर लौट रहा है। अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आरक्षण समाप्त करने की बात करके राहुल गांधी एक बार फिर कांग्रेस का आरक्षण विरोधी चेहरा सामने लाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल का बयान क्षेत्रवाद, धर्म और भाषा के आधार पर दरार पैदा करने की कांग्रेस की राजनीति को उजागर करता है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि जब तक भाजपा है तब तक कोई न तो आरक्षण खत्म कर सकता है और न ही कोई राष्ट्र की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर सकता है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, चाहे जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्र-विरोधी एजेंडे के समर्थन की बात हो या विदेश में भारत-विरोधी टिप्पणी करना, राहुल ने देश की सुरक्षा को खतरे में डाला है। बता दें कि अमेरिका में आरक्षण खत्म करने के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा था कि जब भारत में (आरक्षण के लिहाज से) निष्पक्षता होगी, तब हम आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेंगे। अभी भारत इसके लिए एक निष्पक्ष जगह नहीं है। शाह ने कहा कि आरक्षण समाप्त करने की बात करके राहुल गांधी एक बार फिर कांग्रेस का आरक्षण विरोधी चेहरा सामने लाए हैं। वहीं अमेरिका दौरे के दौरान राहुल गांधी ने वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। रेबर्न हाउस में हुई इस मुलाकात में भारत विरोधी बयान देने वालीं इल्हान उमर भी मौजूद थीं। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देशविरोधी बातें करना और देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होना राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की आदत सी बन गई है। चाहे जम्मू-कश्मीर में देशविरोधी और आरक्षण विरोधी एजेंडे का समर्थन करना हो, या फिर विदेशी मंचों पर भारत विरोधी बातें करनी हो, राहुल गांधी ने देश की सुरक्षा और भावना को हमेशा आहत किया है। इल्हान उमर पहले कई बार भारत विरोधी रुख अपना चुकी हैं। वह पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा बता चुकी हैं। उन्होंने 2022 में पाकिस्तान का दौरा किया था। इस दौरान वो पाक अधिकृत कश्मीर भी गई थीं। इसकी फंडिंग पाकिस्तान सरकार ने की थी। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और इमरान खान से भी मुलाकात की थी। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जाहिर की थी। सरकार ने उमर के पाकिस्तान और पीओके के दौरे को ओछी राजनीति बताया था। वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि देश में लागू आरक्षण को लेकर कांग्रेस का स्पष्ट मत है, जब तक देश में असमानता है, तब तक आरक्षण खत्म नहीं होगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अपने अमेरिका दौरे के दौरान यही बता दोहराई है। राहुल ने आरक्षण को लेकर वही कहा, जो बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने संविधान सभा में कहा था। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को राहुल फोबिया हो गया है। पूर्व सीएम रावत ने कहा कि आरक्षण को यदि अगला खतरा है तो वह भाजपा और उसके फेंचाइजी संगठनों उसके नेता कई बार आरक्षण पर कटाक्ष कर चुके हैं, उसे नकार चुके हैं। रावत ने कहा कि भाजपा राज में महिलाएं, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, अल्पसंख्यक सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि तत्थाकथित गौ रक्षकों की ओर से अल्पसंख्यकों को मारा जा रहा है। उत्तराखंड में बीते दो-तीन सालों में बच्चियों से दुष्कर्म की जो घटनाएं हुई हैं, उनमें 60 प्रतिशत दलित बच्चियां शिकार बनी हैं। उन्हें सरकार की तरफ से मिलने वाली आर्थिक मदद तक नहीं मिली। भाजपा के तमाम नेता एक के बाद एक अपराध में संलिप्त पाए जा रहे हैं, लेकिन सत्ता पक्ष की ओर से उन्हें बचाने का काम किया जा रहा है। पूर्व सीएम रावत ने आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से मीडिया से भागते हैं, वह कुछ चुनिंदा लोगों को इंटरव्यू देते हैं। जबकि राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बेखौफ सवालों का जवाब देते हैं। राहुल के इन्हीं जवाबों से भाजपा में घबराहट है। भाजपा अपने झूठ के ढकने के लिए राहुल को निशाना बनाती है, ताकि लोगों का ध्यान भटकाया जा सके।

अमेरिका में राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना–
अमेरिका यात्रा के पहले और दूसरे दिन राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर खुलकर आलोचना की । दौरे के तीसरे दिन उन्होंने पाकिस्तान आतंकवाद का मुद्दे पर चेतावनी दी इसके साथ बांग्लादेश और चीन पर भी खुलकर बात की। राहुल ने भाजपा और आरएसएस पर भी हमला बोला। वाशिंगटन डीसी में राहुल गांधी ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी अपनी बात रखी। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमारे देश में पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने से दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है। हम यह स्वीकार नहीं करेंगे कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। जब तक वे ऐसा करते रहेंगे, समस्याएं बनी रहेंगी। वहीं, बांग्लादेश का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, बांग्लादेश से भारत के रिश्ते काफी पुराने हैं। हाल ही में बांग्लादेश से हिंदू समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार की घटनाएं सामने आईं, कुछ लोगों के घरों में आग लगा दी गईं और घर जला दिए गए, जिसकी तरफ इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा, मुझे लगता है कि बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों को लेकर भारत में चिंताएं हैं। हालांकि, मुझे विश्वास है कि बांग्लादेश में चीजें सामान्य हो जाएंगी और हम मौजूदा सरकार या किसी अन्य सरकार के साथ संबंध मजबूत बनाए रख पाएंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या आपको लगता है कि पीएम मोदी ने अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा को संभाल लिया है, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘ठीक है, अगर आप हमारे क्षेत्र के 4,000 वर्ग किलोमीटर में चीनी सैनिकों को रखने को किसी चीज से अच्छी तरह से निपटना कहते हैं, तो हो सकता है कि हमने लद्दाख में दिल्ली के आकार की भूमि पर चीनी सैनिकों का कब्जा कर रखा हो। मुझे लगता है कि यह एक आपदा है। अगर कोई पड़ोसी आपके क्षेत्र के 4000 वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर ले तो अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी? क्या कोई राष्ट्रपति यह कहकर बच निकल पाएगा कि उसने इसे अच्छी तरह से संभाला है? इसलिए मुझे नहीं लगता कि पीएम मोदी ने चीन को बिल्कुल भी अच्छी तरह से संभाला है। मुझे लगता है कि चीनी सैनिकों के हमारे क्षेत्र में बैठने का कोई कारण नहीं। भारत एक बहुत ही बहुलता वाला देश है। भारत एक खुला देश है। भारत के पास कई विचार हैं और जब आप कुछ ऐसा होने की कल्पना करते हैं जो आप नहीं हैं, तो यही आपकी सभी रणनीतिक समस्याएं हैं। मेरा मतलब है कि हम अपनी सबसे बड़ी संपत्ति जो कि हमारा लोकतंत्र है, उसे कमजोर कर रहे हैं। वहीं राहुल ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर उनकी पार्टी को गलत समझा गया। वो 50 प्रतिशत से आगे बढ़कर आरक्षण देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम जो कह रहे हैं वह केवल आरक्षण के विचार से अलग है। हम, जो चल रहा है उसकी व्यापक समझ चाहते हैं और फिर इसे ठीक करने के लिए नीतियों की एक सीरीज लागू करना चाहते हैं, आरक्षण भी उनमें से एक है। पीएम मोदी की सरकार पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि 2014 में भारत की राजनीति बहुत नाटकीय रूप से बदल गई। हम एक ऐसे चरण में प्रवेश कर गए, जो हमने पहले भारत में नहीं देखा था- आक्रामक, हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की नींव पर हमला। इसलिए यह एक कठिन लड़ाई है, लेकिन यह एक अच्छी लड़ाई रही है और निश्चित रूप से चीजें बदल गई हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत में बहुत अधिक ऊर्जा बंद है। इसलिए भारत को आम भारतीयों के कौशल का सम्मान करना शुरू करना चाहिए। दो व्यवसायी भारत में सब कुछ नियंत्रित कर रहे हैं और इससे भारत की उत्पादकता को बहुत नुकसान हो रहा है। अगर मैं भारत को थोड़ा और निष्पक्ष बना सका, तो मैं कहूंगा कि मैं सफल हो जाऊंगा। एक और स्तर जहां मुझे लगता है कि हम सफल रहे हैं वह क्रोध और घृणा के विचार से लड़ना है। यह तथ्य कि हमारा विपक्षी आरएसएस और भाजपा भारत को विभाजित करते हैं और एक धर्म दूसरे धर्मों के साथ लड़ता है। हमने भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से ‘प्रेम’ शब्द की शुरुआत की। मुझे लगता है कि यह बहुत शक्तिशाली है। हमने प्रधानमंत्री पर जो दबाव डाला वह अभूतपूर्व है, संविधान को बाहर निकालकर अच्छी तरह से काम किया। और जब हम चुनावों में आगे बढ़े, तो अचानक हम प्रधानमंत्री को देख रहे थे और हम देख सकते थे कि दबाव शुरू हो रहा था। फिर किसी बिंदु पर उन्होंने बस कहा कि मैं (पीएम) गैर-जैविक हूं। मैं सीधे भगवान से बात करता हूं। इस तरह एक तरह से भ्रम टूट गया।



