एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की बढ़ी हुई निगरानी के तहत काम करेगी। स्पाइसजेट एयरलाइंस द्वारा उड़ानें रद्द किए जाने और वित्तीय तनाव की रिपोर्टों के आधार पर डीजीसीए ने 7 और 8 अगस्त 2024 को स्पाइसजेट इंजीनियरिंग सुविधाओं का एक विशेष ऑडिट किया, जिसमें कुछ कमियां सामने आईं।
विज्ञप्ति में बताया गया कि 2022 में स्पाइसजेट बेड़े में कई घटनाओं की सूचना मिलने के बाद विशेष मौके पर जांच अभियान चलाया गया, जिसके दौरान स्पाइसजेट को डीजीसीए को यह पुष्टि करने के बाद ही विमान को परिचालन के लिए जारी करने की अनुमति दी गई कि सभी रिपोर्ट की गई खामियों और खराबी को ठीक कर लिया गया है। वर्ष 2023 के दौरान एयरलाइन के वित्तीय तनाव में होने की रिपोर्टों के आधार पर इसे फिर से कड़ी निगरानी में रखा गया। इस कार्रवाई से परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई मौके पर जांच और रात की निगरानी में वृद्धि होगी। इससे पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने नियमों का पालन नहीं करने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस पर 10 लाख रुपये का वित्तीय जुर्माना लगाया था।



