अल्मोड़ा में सड़क हादसे में मारे गए चालक विजय सिंह और उसके सहयोगी त्रिलोक राम पिकअप चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। विजय अविवाहित था, जबकि त्रिलोक का विवाह एक वर्ष पूर्व हुआ था और उसकी पत्नी छह माह की गर्भवती है। अल्मोड़ा में सड़क हादसे में मारे गए चालक विजय सिंह और उसके सहयोगी त्रिलोक राम पिकअप चलाकर परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। विजय अविवाहित था, जबकि त्रिलोक का विवाह एक वर्ष पूर्व हुआ था और उसकी पत्नी छह माह की गर्भवती है। मां कमला देवी और छह माह की गर्भवती पत्नी पूजा का वह मेहनत-मजदूरी का पालन-पोषण कर रहा था। तीनों नए मेहमान के आने का खुशी से इंतजार कर रहे थे। सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन उनकी खुशियों को एक हादसे ने ग्रहण लगा दिया है। बृहस्पतिवार सुबह त्रिलोक पत्नी और मां को जल्द घर लौटने की बात कहकर घर से काम पर निकला लेकिन देर शाम तक भी वह घर नहीं लौटा तो दोनों की चिंता बढ़ गई। दोनों दूसरे दिन सुबह तक उसके घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इसी बीच उसकी मौत की खबर उन्हें मिली। पति की मौत से गर्भवती पत्नी बदहवास है तो मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। लंबे समय से एक-दूसरे के सहयोगी रहे चालक विजय और त्रिलोक ने एक साथ ही दुनिया को अलविदा कहा है। चालक विजय और उसके सहयोगी ने दिनभर काम किया। विजय देर शाम त्रिलोक को घर छोड़ने निकला। त्रिलोक अपने घर को जाने वाले रास्ते पर पहुंच भी गया। घटनास्थल से सिर्फ 120 मीटर दूर उसका घर है लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। चालक विजय अविवाहित था और मां शांति देवी और पिता किशन सिंह बेटे के सिर पर सेहरा सजाने की तैयारियों में जुटे थे। दुल्हन की खोजबीन चल रही थी। इसी बीच हुई इस दुर्घटना ने माता-पिता से बेटा छीन लिया। बेटे के सिर पर सेहरा सजाने की हसरत अधूरी रह गई।


