पिथौरागढ़ के चंडाक में बन रही जेल का 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। अब यहां पर कारागार विभाग के कर्मियों के रहने के लिए 10 करोड़ की लागत से आवास बनाए जाएंगे। सीएनडीएस ने सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। करीब 22 करोड़ की लागत से जेल का निर्माण किया गया है। जेल में 60 पुरुष और 20 महिला कैदियों को रखने के लिए कुल 80 बैरक बनाए गए हैं। इसमें से 10 बैरक खतरनाक अपराधियों के लिए होंगे। इसके अलावा जेल परिसर में कैदियों के लिए एक अस्पताल बनाया गया है। जेल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सीएनडीएस ने कारागार कर्मियों के लिए आवास बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसमें टाइप-टू के 12 आवास, टाइप थ्री का एक और टाइप फोर के दो आवास प्रस्तावित हैं। सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर हरीश प्रकाश का कहना है कि आवास के कार्यों को स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा भेजे जाते हैं कैदी पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में कैदियों के लिए जेल नहीं होने से वर्तमान में कैदियों को अल्मोड़ा भेजा जाता है। यहां जेल के शुरू होने के बाद कैदियों को यहीं रखा जाएगा। इससे पुलिस विभाग को कैदियों को भेजने के लिए अतिरिक्त खर्चा नहीं करना पड़ेगा।



