
आतिशी ने शनिवार को दिल्ली की 17वीं मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राजनिवास में उन्हें एलजी विनय सक्सेना ने शपथ दिलाई। शपथ के बाद आतिशी ने अरविंद केजरीवाल के पैर छुए। वे दिल्ली की सबसे युवा और तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गईं। उनसे पहले सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। आतिशी के बाद सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत ने मंत्री पद की शपथ ली। कैबिनेट में मुकेश अहलावत एकमात्र नया चेहरा हैं। 43 साल की आतिशी कालकाजी सीट से तीन बार की विधायक हैं। आतिशी दिल्ली की सबसे युवा सीएम होने का केजरीवाल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। आतिशी 43 साल की हैं, जबकि 2013 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के समय केजरीवाल 45 साल के थे। )
राजधानी दिल्ली स्थित उपराज्यपाल के सरकारी निवास स्थान ‘राजनिवास’ में लंबे समय बाद 21 सितंबर को अलग नजर दिखाई दिया। शनिवार दोपहर को मौका था आम आदमी पार्टी की नई मुख्यमंत्री आतिशी के शपथ ग्रहण समारोह का। इस शपथ ग्रहण समारोह में उपराज्यपाल विनय सक्सेना, पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, समेत तमाम पार्टी के नेता मौजूद थे। दिल्ली के उपराज्यपाल का आम आदमी पार्टी नेताओं के साथ शुरू से ही 36 का आंकड़ा रहा है। लेकिन शपथ समारोह में दिल्ली के एलजी विनय सक्सेना मुस्कुराते हुए नजर आए। उसके साथ उन्होंने शपथ लेने वाले सभी मुख्यमंत्री और मंत्रियों को बधाई भी दी। बता दें कि आतिशी ने शनिवार को दिल्ली की 17वीं मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राजनिवास में उन्हें एलजी विनय सक्सेना ने शपथ दिलाई। शपथ के बाद आतिशी ने अरविंद केजरीवाल के पैर छुए। वे दिल्ली की सबसे युवा और तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गईं। उनसे पहले सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। आतिशी के बाद सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत ने मंत्री पद की शपथ ली। कैबिनेट में मुकेश अहलावत एकमात्र नया चेहरा हैं। 43 साल की आतिशी कालकाजी सीट से तीन बार की विधायक हैं। आतिशी दिल्ली की सबसे युवा सीएम होने का केजरीवाल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। आतिशी 43 साल की हैं, जबकि 2013 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के समय केजरीवाल 45 साल के थे। आप विधायकों ने 17 सितंबर को केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी का नाम मुख्यमंत्री के रूप में फाइनल किया था।
आतिशी के शपथ ग्रहण समारोह में आम आदमी पार्टी कन्वेनर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पंजाब सीएम भगवंत मान शामिल रहे।इससे पहले, आतिशी मंगलवार शाम को केजरीवाल के साथ राज निवास में उपराज्यपाल से मिलने गई थी, जहां उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया और उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। आप नेता 26-27 सितंबर को बुलाए गए विशेष सत्र में 70 सदस्यीय विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगी। जमानत पर रिहाई के बाद केजरीवाल ने कहा था कि अगर अगले चुनाव में लोग उन्हें ईमानदार मानते हैं तो वह फिर से इस पद पर लौट आएंगे। मनोनीत मुख्यमंत्री आतिशी ने शुक्रवार को उनके प्रति समर्थन व्यक्त किया और दावा किया कि केवल उनका (केजरीवाल) नेतृत्व ही मुफ्त बिजली और पानी सुनिश्चित करके दिल्लीवासियों के लिए बेहतर जीवन और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि दिल्ली के लोग फिर से केजरीवाल को अपना नेता चुनें और उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाएं, अन्यथा “उत्तर प्रदेश में जो हो रहा है, वह राजधानी में भी सामान्य बात हो जाएगी। आतिशी ने यह भी बताया कि केजरीवाल अगले रविवार से जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू करेंगे, इस दौरान वह लोगों से मिलेंगे और उनका समर्थन मांगेंगे।



