
स्कूल प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप
इंट्रो
वेल्हम ब्वॉयज स्कूल देहरादून में जूनियर छात्र के साथ शर्मनाक करतूत, यौन शोषण मामले में सीनियर पर दर्ज केस हुआ। शिकायत के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने ठोस कार्रवाई नहीं की। तब अभिभावक ने अपने बेटे को यहां न पढ़ाने मन बनाया। स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेकर वह अपने बेटे को असम ले गए। वहां आगे की शिक्षा के लिए उसका दाखिला कराया। साथ ही बेटे के साथ घटे घटनाक्रम को वहां की पुलिस को बताया, और वहाँ ज़ीरो एफआईआर दर्ज करवाई। एफआईआर के डालनवाला कोतवाली में ट्रांसफर होने के बाद मामला प्रकाश में आया। मामला 03 महीने पुराना बताया जा रहा है। पेश है दिव्य हिमगिरि डेस्क की खास रिपोर्ट….
देहरादून के बड़े आवासीय स्कूल वेल्हम ब्वॉयज में सीनियर छात्र पर जूनियर छात्र के यौन शोषण का आरोप लगा है। आरोप है कि पीड़ित की रैगिंग भी की गई। मामले का पता पीड़ित के परिजनों को लगा तो उन्होंने देहरादून से बेटे को ले जाने के बाद मामले में अपने गृह राज्य असम में केस दर्ज कराया।
वहां से मामले को जांच के लिए देहरादून ट्रांसफर किया गया है। डालनवाला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। असम का एक छात्र देहरादून के वेल्हम ब्वॉयज आवासीय स्कूल में पढ़ाई कर रहा था।
आरोप है कि उसका सीनियर ने यौन उत्पीड़न किया और रैगिंग भी की गई। इस घटना के बाद बच्चा गुमसुम रहने लगा। बीते दिनों उसके परिजन देहरादून आए। उन्होंने बेटे की मानसिक स्थिति को देखते हुए अच्छे से पूछताछ की। इस दौरान किशोर ने बताया कि 12वीं कक्षा के सीनियर छात्र ने उसका यौन उत्पीड़न किया और रैगिंग कर लगातार परेशान किया जा रहा है। इसका पता लगने पर छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन को मामला बताया।
स्कूल प्रबंधन ने ठोस कार्रवाई नहीं की। तब उन्होंने अपने बेटे को यहां न पढ़ाने मन बनाया। स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेकर वह अपने बेटे को असम ले गए। वहां आगे की शिक्षा के लिए उसका दाखिला कराया। साथ ही बेटे के साथ घटे घटनाक्रम को वहां की पुलिस को बताया। वहां मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर स्थानांतरित होकर देहरादून ज़िले के डालनवाला कोतवाली पहुंची। सीओ डालनवाला आशीष भारद्वाज ने मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस साक्ष्य जुटाकर आरोपों की जांच कर रही है।
स्कूल के प्राप्त विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि प्रधानाचार्या ने स्कूल की बदनामी की बात कहकर पीड़ित बच्चे के अभिभावक की शिकायत पर कार्यवाही नहीं की और मामले को दबाने और रफा दफा करने का प्रयास किया। सूत्रों ने दावा किया की इस घटना की जानकारी स्कूल प्रबंधन के साथ ही पुलिस को भी हो गयी थी। ठोस कार्यवाही के अभाव में ही असम में ज़ीरोएफआई आर की गयी।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने किया वेलहम बॉयज़ स्कूल का औचक निरिक्षण
उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा वेल्हम बॉयज विद्यालय में कथित घटनाक्रम के सन्दर्भ में आयोग द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। आयोग द्वारा स्कूल का निरीक्षण कर स्कूल से सम्बंधित मान्यता, पुलिस फायर, पोक्सो कमेटी, शिकायत प्रकोष्ठ, चाइल्ड हेल्पलाइन आदि विषयों के बारे में जानकारी ली गईI आयोग की टीम में सदस्य श्री विनोद कपरवाण के नेतृत्व में औचक निरीक्षण के लिए गयी टीम में आयोग के अनुसचिव श्री एस.के सिंह , खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती , बाल मनोवैज्ञानिक निशात इकबाल, विशाल चाचरा, पुलिस विभाग के अधिकारी आदि शामिल थे I
विद्यालय की ओर से प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता केंन ने आयोग के प्रश्नों का जवाब दिया। आयोग ने विद्यालय के उक्त प्रकरण पर वार्ता की, प्रधानाचार्या द्वारा अपना पक्ष रखा गया। प्रधानाचार्या द्वारा उक्त उक्त घटना के होने से इंकार किया। प्रधानाचार्या ने बताया कि शिकायतकर्ता शिलौंग के रहने वाले एक पुलिस अधिकारी का बेटा है। शिकायतकर्ता द्वारा अपने पुत्र का शारीरिक शोषण से सम्बंधित शिकायत है I शिलौंग में FIR दर्ज की गई है ,जिसे डालनवाला ठाणे में स्थानातरित किया , पुलिस जाँच कर रही है I आयोग द्वारा शिकायतकर्ता से संपर्क करने पर विस्तृत कार्यवाही की जाएगी I इस प्रकार की घटना पूरे प्रदेश में बढती जा रही है , विगत 6 माह में इस प्रकार की घटना में वृद्धि हुई है I इसी सन्दर्भ में आयोग द्वारा इन घटनाओं पर अंकुश लगे , भारतीय संस्कृति , गुरुकुल पद्धति से शिक्षा , नैतिक शिक्षा को अपनाने की आवश्यकता है I आयोग द्वारा स्कूल को समस्त दस्तावेजों को अग्रिम तिथि को समस्त साक्ष्यों सहित आयोग में तलब किया गया है और इसी कर्म में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी पत्र जारी किया गया है I



