
नेशनल जर्नालिस्ट एसोसिएशन के तत्वाधन मे वेबिनार के माध्यम से आयोजित पत्रकारिता प्रशिक्षण के चौथे दिवस वरिष्ठ पत्रकार हिंदुस्तान बिहार के उप संपादक आशुतोष
कुमार आर्य जी ने बताया की सत्य और तथ्य पर आधारित पत्रकारिता किसी भी पत्रकार के लिए आवश्यक है कि वह जो भी सूचना समाज के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हो, वह सत्य और तथ्य पर आधारित हो। तथ्यों की सही जांच-पड़ताल और निष्पक्ष रिपोर्टिंग से पत्रकार की विश्वसनीयता बनी रहती है।
किसी घटना या मुद्दे की सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करना न केवल पत्रकारिता के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि यह समाज को भ्रमित भी कर सकता है। इसलिए एक पत्रकार को अपने विवेक और सत्यनिष्ठा का पालन करते हुए, समाचार का सटीक और तथ्यपरक प्रस्तुतीकरण करना चाहिए। पत्रकारिता की साख और उसका भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि पत्रकार किस हद तक सत्य और तथ्य के प्रति प्रतिबद्ध रहते हैं। जनता का विश्वास जीतना और बनाए रखना पत्रकारिता के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती है। उसके बाद नेशनल जर्नालिस्ट एसोसिएशन की अध्यक्षा गीता कौर व मॉडरेटर सुप्रिया सिंह ने बिभिन्न ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी से प्रतिभागियो की जिज्ञासाओ का समाधान किया गया।
वर्तमान दौर में आइए जानते हैं, “पत्रकारिता-सशक्तीकरण” का असर
“नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन” की ओर से पत्रकारों को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु आयोजित की गई सात-दिवसीय प्रशिक्षण-कार्यक्रम के तीसरे दिन 11 सितंबर 2024 को एसोसिएशन की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय महासचिव कुमुद रंजन सिंह , वरिष्ठ पत्रकार मनोज नारायण सिंह, पटना उच्च-न्यायालय के अधिवक्ता संजय कुमार पांडेय तथा महाराष्ट्र से डाॅo बालकृष्ण महाजन मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे ।
इस आयोजन में , हमारे सम्मानित प्रशिक्षक श्री मनोज नारायण सिंह के द्वारा सभी प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में फर्क से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई । साथ ही, भावी दौर में मीडिया-जगत की संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया ।
बताते चलें, कि “साहित्यकार” और “पत्रकार” में जिस अंतर या समानता की जानकारी की जरूरत अक्सर जनता के द्वारा महसूस की जा रही थी, उसके समाधान की सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करने का सराहनीय कार्य, आज के दूसरे विद्वान प्रशिक्षक अधिवक्ता संजय पांडेय ने पूरा किया । और अब ऐसा लगता है कि दी गई जानकारी को अगर आम जनता तक पहुंचाए जाने से “पत्रकार” के प्रति जनमानस को परोसी गई गलतफहमी और अनादर-भावना को दूर किया जा सके ।
इसके साथ-साथ, और अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कराई गई; जिसमें शून्यकाल में कई महत्वपूर्ण जानकारी को कार्यक्रम की माॅडरेटर सुप्रिया सिंह एवम गीता कौर के द्वारा लिखवायी गई ।
मीडिया-स्तम्भ की मजबूती के लिए “पत्रकारिता” हेतु प्रशिक्षण जरूरी
देश के चौथे स्तम्भ को पूरी नैतिकता और विश्वसनीयता के साथ मजबूती प्रदान करने के लिए नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा देश के अलग-अलग कई राज्यों के पत्रकारों को प्रशिक्षित करने की दिशा में 9 सितंबर 2024 से दिए जा रहे ऑनलाईन-प्रशिक्षण में दूसरे दिन 10 सितंबर को जारी इस वेबिनार में मुख्य अतिथि के रूप में प्रशिक्षक की भूमिका में एन.जे.ए. दिल्ली के कैश-कंट्रोलर और वरिष्ठ पत्रकार श्री जगदीश जी पंवार तथा विशिष्ट अतिथि व मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका में पटना दूरदर्शन के जानेमाने प्रोग्राम-एंकर एवं वरिष्ठ पत्रकार डाॅo संजय विजित्वर के द्वारा पत्रकारों को समाचार-संकलन से लेकर लेखन-शैली की विधिवत और नैतिक जानकारी प्रदान की गई । साथ ही, झारखंड से जुड़ीं व पत्रकारिता की अनुभवी-माॅडरेटर सुप्रिया सिंह के द्वारा बहुत ही जटिल व ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी को लिखवाया गया । एवं प्रशिक्षण के दौरान पत्रकारों द्वारा जाहिर किए गए सवालों,संशयों और विचारों का समुचित भावार्थ के साथ त्वरित समाधान भी किया गया । सभी का स्वागत एवम धन्यवाद ज्ञापन संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कुमुद रंजन सिंह ने किया।
आधुनिक पत्रकारिता में नारद की प्रासंगिकता आज भी जीवंत:..कौशिक
पत्रकारिता प्रशिक्षण के प्रथम दिवस ब्रह्मांड के प्रथम पत्रकार नारद के चरित्र विषयक व्याख्यान का आयोजन
आधुनिक पत्रकारिता में नारद का चरित्र आज भी प्रासंगिक है,उक्त बातें नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा पत्रकारिता प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पर,वरिष्ठ साहित्यकार एवम समाजसेवी चंद्र भूषण मिश्र कौशिक जी ने अपनी बात बनारस की भूमि से रखते हुए आनलाइन पत्रकारिता प्रशिक्षण के दौरान कही,उन्होंने बताया कि जगत कल्याण एवम संवाद प्रेषण का महत्व आज भी प्रासंगिक बना हुआ है, नारद का मतलब ही होता है, वैसे बात जो रद्द न हो जो मिथ्या न हो वो नारद है,आज भी सही और सटीक खबरों की जरूरत एवम मांग हर तरफ है,
आज एक राज्य या देश की खबरे हम पूरी दुनिया भर में पहुंचा सकते है, नारद जी भी सभी लोकों का भ्रमण कर खबरें पूरी ब्रह्मांड में प्रेषित करने का काम करते रहे हैं।हमे आज सोशल मीडिया से मिली खबरों की सत्यता को जांच कर ही खबरें लिखनी चाहिए। इस अवसर पर नालंदा बिहार के शिक्षक एवम साहित्यकार राकेश बिहारी शर्मा ने भी नारद की आदर्श और जगत कल्याण,संवाद और आज उसकी जरूरत पर चर्चा की।
नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन की मॉडरेटर सुप्रिया सिंह ने कई प्रश्नोत्तर एवम ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की। इस अवसर पर झारखंड से सुशील कुमार झा,उत्तरप्रदेश से श्याम सिंह पाल,गुजरात से प्रीति जैन एवम ममता सिंह,मध्यप्रदेश से राम कुमार सिंह चौहान,बेगलौर से निकिता मेहता प्रशिक्षण ले रहे है,कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कुमुद रंजन सिंह ने सभी का स्वागत किया,एवम बताया कि गोरखपुर में नारद जी का एक मंदिर है जहां देवऋषि नारद जी,अंगिका ऋषि के साथ आए थे और हनुमान प्रसाद पोद्दार को दर्शन दिए थे।
इस दौरान एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव कुमुद रंजन सिंह ने सभी वरिष्ठ पत्रकारों और प्रतिभागियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण सत्र में झारखंड से सुशील कुमार झा, उत्तर प्रदेश से श्याम सिंह पाल, गुजरात से प्रीति जैन और ममता सिंह, बेंगलुरु से निकिता मेहता और मध्य प्रदेश से राम कुमार सिंह चौहान समेत कई अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।



