पीएम मोदी ने देहरादून के एफआरआई में समिट का उद्घाटन किया। पीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड वो राज्य है, जहां आपको देवत्व और विकास दोनों का अनुभव एक साथ होता है और मैंने तो उत्तराखंड की भावनाओं और संभावनाओं को निकट से देखा है। मैंने उसे जिया है, अनुभव किया है। पीएम मोदी ने कहा कि यहां आकर मन धन्य हो जाता है। कुछ वर्ष पहले जब मैं बाबा केदार के दर्शन को निकला था तो अचानक मेरे मुंह से निकला था कि 21वीं सदी का ये तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक है। मुझे खुशी है कि उस कथन को मैं लगातार पूरा होते देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों को भरोसा दिलाता हूं कि, मेरे तीसरे कार्यकाल में देश, दुनिया की टॉप 3 इकॉनामी में आकर रहेगा। पीएम मोदी ने निवेशक सम्मेलन में पहुंचे उद्योगपतियों से कहा कि आप सभी बिजनेस की दुनिया के दिग्गज हैं। आप अपने काम का विश्लेषण करते हैं। आप सभी चुनौती का आंकलन करके रणनीति बनाते हैं। हमें चारों तरफ आकांक्षा, आशा, आत्मविश्वास दिखेगा।पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों से साफ है कि आकांक्षी भारत, अस्थिरता के बजाय एक स्थिर सरकार चाहता है और रेखांकित किया कि लोगों ने सुशासन और उसके ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर मतदान किया। प्रधानमंत्री ने ग्रामीण इलाकों से चारधाम तक जाने के काम का जिक्र करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब दिल्ली-देहरादून के बीच की दूरी ढाई घंटे की रह जायेगी। देहरादून और पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तार से हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रदेश में हेली-टैक्सी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है और रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने उन्हें देश के पहले गांव के रूप में विकसित करने के लिए डबल इंजन सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने आकांक्षी जिलों और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम का उल्लेख किया जहां उन गांवों और क्षेत्रों पर जोर दिया जा रहा है जो विकास मानकों में पीछे हैं। उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को लेकर मोदी ने पर्यटकों को प्रकृति के साथ-साथ भारत की विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से थीम आधारित पर्यटन सर्किट बनाने की जानकारी दी। पीएम मोदी ने देश के अमीरों, संपन्न लोगों और युवाओं से ‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर ‘वेड इन इंडिया’आंदोलन शुरू करने की अपील की। विदेश में होने वाली शादियों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह से ‘मेक इन इंडिया’ है, ठीक ऐसे ही ‘वेड इन इंडिया’ भी होना चाहिए। शादी हिंदुस्तान में करो। इन दिनों हमारे देश के अमीर वर्ग के बीच ये फैशन हो गया है कि वे विदेशों में जाकर शादियां करते हैं। मैं पूछता हूं ऐसा क्यों है? मेरा आग्रह है कि अगले 5 वर्षों में आप सभी अपने परिवार की कम से कम एक डेस्टिनेशन वेडिंग उत्तराखंड में अवश्य आयोजित करें। प्रधानमंत्री ने हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड लॉन्च करने के लिए उत्तराखंड सरकार को बधाई दी और इसे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को विदेशी बाजारों तक ले जाने का एक अभिनव प्रयास बताया। प्रधानमंत्री ने पोषण के नाम पर डिब्बाबंद भोजन के प्रति आगाह किया जबकि भारत मिलेट जैसे पौष्टिक भोजन में बहुत समृद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से स्थानीय उत्पाद को वैश्विक बाजारों तक पहुंचने में मदद करने के लिए कहा।
प्रथम चरण में इसमें भौगोलिक संकेतक प्राप्त राज्य के उत्पादों को रखा गया है और शीघ्र ही महिला समूहों के अन्य उत्पाद इसमे शामिल करने की योजना है।
उत्तराखंड राज्य के गठन से लेकर इसके विकास में यहां की मातृशक्ति का योगदान किसी से छिपा नहीं है। इसे देखते हुए सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के दृष्टिगत उन्हें महिला स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का क्रम शुरू किया। ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय व राज्य आजीविका मिशन में इन समूहों के गठन का क्रम जारी है। महिला समूहों के सामने अपने उत्पादों के ब्रांडिंग की दिक्कत आ रही थी। वजह यह कि सभी अलग-अलग नाम से उत्पादों की बिक्री कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार अपनी माणा यात्रा के दौरान सुझाव दिया था कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ब्रांड होना चाहिए। राज्य सरकार ने इस पर अमल करते हुए समूहों के उत्पादों का अंब्रेला ब्रांड बनाने का निश्चय किया। उच्च स्तर पर गहन मंथन के बाद ब्रांड के लिए “हाउस ऑफ हिमालयाज” नाम को अंतिम रूप दिया गया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस अंब्रेला ब्रांड की लांचिंग होने से अब समूहों द्वारा तैयार उत्पाद इसी नाम से बाजार में आएंगे। साथ ही इनकी गुणवत्ता, पैकिंग आदि पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये करने के उद्देश्य से लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। राज्य में अब तक 40,277 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गुजरात के सीएम रहते हुए ”वाईब्रेंट गुजरात” नाम से इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन शुरू किया गया था, उसी से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने ”डेस्टिनेशन उत्तराखंड” की थीम पर इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ढाई लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों को प्राप्त करने का लक्ष्य था, अभी तक लक्ष्य से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर करार हो गये हैं। इनमें से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में गुजरात के ”महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर” की भांति शीघ्र ही एक भव्य ”कन्वेंशन सेंटर” का निर्माण किया जाएगा।



