नए साल 2024 के पहले महीने में ही उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है। रामलाल के उद्घाटन समारोह को लेकर भारतीय जनता पार्टी खूब उत्साहित है। इसका कारण यह है कि 5 महीनों में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर इस बार भाजपा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को भी धार्मिक दृष्टि से जोड़ेगी। अयोध्या राम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। इसके लिए अयोध्या में बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान राम लला को राम मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित किया जाएगा। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल अभी तक इसी उधेड़बुन में फंसे है कि राम मंदिर के उद्घाटन में जाना है या नहीं। देश की पूरी राजनीति राम मंदिर के आसपास आकर ठहर सी गई है। राम मंदिर को लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्षी दलों को डर सता रहा है कि राम मंदिर बीजेपी को बड़ा चुनावी फायदा ना दे दे। वहीं बीजेपी भी राम मंदिर के जरिए हिंदू वोटर्स पर फोकस करने की रणनीति बना सकती है। लोकसभा चुनाव से पहले मतदाआओं को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मेगा प्लान तैयार किया है। पार्टी ने तय किया है कि 22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला के प्रतिष्ठा होने के बाद वह पूरे देश की सभी 545 लोकसभा सीटों में से हर लोकसभा वार 2000 से लेकर के 5000 लोगों तक रामलाल के दर्शन अगले 3 महीने तक कराएगी। लोकसभा चुनाव के पहले बीजेपी राम के माध्यम से लोगों के बीच में एक अलग आस्था की अलख जगाने के साथ ही अपने काम को दिखाने का मुहिम चलाएगी। बीजेपी ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। मौजूदा सांसदों के साथ ही मंत्रियों और विधायकों को उसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। जो अपने-अपने क्षेत्र से 2000 से लेकर के 5000 लोगों तक की सूची तैयार कर रहे हैं जिनको 23 जनवरी के बाद रामलला के दर्शन करने के लिए उनको अपने-अपने क्षेत्र से लाना है। इसके लिए बड़ी संख्या में ट्रेन भी बुक हुई है। बता दें कि तकरीबन 1000 विशेष ट्रेन पूरे देश से प्राण प्रतिष्ठा के बाद अगले 100 दिनों तक चलाई जाएंगे और इन्हीं ट्रेनों के माध्यम से अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र से लोग रामलाल के दर्शन करने के लिए ले जाएंगे। बीजेपी के सांसद विधायक और मंत्रियों के ऊपर इस बात की जिम्मेदारियां हैं । बीजेपी के जिम्मेदार पदाधिकारी लोगों को यह बताने की कोशिश करेंगे कि जो 500 सालों में नहीं हो पाया वह भारतीय जनता पार्टी ने करके दिखाया है। और जब यह लोग अयोध्या दर्शन करके वापस अपने क्षेत्र में जाएंगे तो बीजेपी को एक बड़ा फायदा मिल सकता है इसी कड़ी में दर्शन कराने की तैयारी कर रही है। एक अनुमान के मुताबिक बीजेपी लगभग 50 लाख से 1 करोड लोगों को दर्शन कराने की योजना बनाई है। अब देखने वाली बात ये होगी कि पार्टी को आगामी चुनावों में इसका कितना फायदा मिलेगा। भारतीय जनता पार्टी के इस मेगा प्लान से विपक्ष में हलचल है। साल 2024 में लोकसभा आम चुनाव के अलावा अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम में विधानसभा चुनाव होंगे। इसके अलावा अक्टूबर में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव होंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार धारा 370 हटने के बाद सितंबर 2024 में जम्मू कश्मीर में पहले चुनाव हो सकते हैं। नरेंद्र मोदी सरकार केंद्र में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने के लिए तैयार है। मई में होने वाले आम चुनावों में पार्टी ने 350 से अधिक लोकसभा सीटों का लक्ष्य रखा है। साल 2024 भारतीय जनता पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी पंचायत स्तर पर चुनाव जीतने से लेकर संसद की ओर कदम बढ़ाते हुए सत्ता को मजबूत करना चाहती है। भाजपा न केवल 2024 का आम चुनाव जीतकर केंद्र में तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना चाहती है, बल्कि इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि भारत की जनता ने स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार में अपना विश्वास जताया है। बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अपना एजेंडा भी स्पष्ट कर दिया है कि एक तरफ पार्टी मोदी सरकार की उपलब्धियों और उसके विकास के एजेंडे को जनता के सामने उजागर करने के लिए कल्याणकारी योजना के लाभार्थियों को लक्ष्य बनाएगी, वहीं दूसरी तरफ वह अपना ध्यान अयोध्या मंदिर पर केंद्रित करेगी। दूसरी ओर, बीजेपी विपक्षी दल इंडिया गुट को ‘अहंकारी गठबंधन’ और ‘इंडी एलायंस’ कहकर संबोधित करते हुए लगातार सनातन धर्म, राम मंदिर निर्माण, राष्ट्रीय सुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी। बीजेपी जहां अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण के साथ चुनावी मैदान में उतरने का मन बना चुकी है तो वहीं विपक्ष ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करने में लगा हुआ है।



