
(इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसे एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने बाद बुधवार, 19 मार्च को धरती पर लौटे। हालांकि पहले इन दोनों को ही धरती पर वापस लाने की नासा ने काफी कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो स्पेसएक्स ने यह जिम्मेदारी ली। हर कोई सुनीता की जल्द से जल्द धरती पर वापसी का इंतजार कर रहा था । सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 19 मार्च को धरती पर लौटे।सुनीता और बुच बोइंग 6 जून 2024 को नासा के 8 दिन के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर स्पेस स्टेशन गए थे, लेकिन स्टारलाइनर के थ्रस्टर में खराबी की वजह से उन्हें वहीं रुकना पड़ा।)
यह भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए अच्छी खबर के साथ राहत भरी भी है। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स कुशल पृथ्वी पर लौट आई हैं । सुनीता विलियम्स की सकुशल वापसी के लिए भारत में कई जगह यज्ञ किए गए थे। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसे एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने बाद बुधवार, 19 मार्च को धरती पर लौटे। हालांकि पहले इन दोनों को ही धरती पर वापस लाने की नासा ने काफी कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो स्पेसएक्स ने यह जिम्मेदारी ली। हर कोई सुनीता की जल्द से जल्द धरती पर वापसी का इंतजार कर रहा था । ड्रैगन कैप्सूल में क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्जेंडर गोरबुनोव भी सवार थे। चारों एस्ट्रोनॉट्स 17 घंटे की यात्रा के बाद फ्लोरिडा के तट पर लैंड हुए। सुनीता और बुच बोइंग 6 जून 2024 को नासा के 8 दिन के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर स्पेस स्टेशन गए थे, लेकिन स्टारलाइनर के थ्रस्टर में खराबी की वजह से उन्हें वहीं रुकना पड़ा। जब कैप्सूल से उनको को निकालने का ऑपरेशन चल रहा था, तब डॉल्फिन कैप्सूल के चारों ओर तैर रही थीं। रिकवरी पोत ने कैप्सूल को पानी से सफलतापूर्वक बाहर निकाला जिसके बाद सितंबर के बाद पहली बार कैप्सूल का साइड हैच खोला गया। स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल की सुरक्षित लैंडिंग के बाद गुजरात स्थित सुनीता विलियम्स के पैतृक गांव में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
सुनीता विलियम्स और विल्मोर को पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन ले जाया गया–
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को 45 दिनों के पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन ले जाया गया। फ्रीडम’ कैप्सूल ने पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते हुए लगभग 3000 डिग्री फारेनहाइट (1650 डिग्री सेल्सियस) तक के तापमान का सामना किया। इसके बाद यह टैल्लाहासी के पास गल्फ ऑफ मेक्सिको में पैराशूट के जरिए सुरक्षित रूप से लैंड हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को पत्र लिखकर भारत आने का निमंत्रण दिया है। विलियम्स अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ महीने रहने के बाद बुधवार सुबह पृथ्वी पर लौट आई हैं। एक मार्च को लिखे गए और नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो के माध्यम से भेजे गए इस पत्र को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर साझा किया। पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि भले ही आप हजारों मील दूर हों, लेकिन आप हमारे दिलों के करीब हैं। भारत के लोग आपके अच्छे स्वास्थ्य और आपके मिशन में सफलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। आगे कहा कि आपकी वापसी के बाद, हम भारत में आपसे मिलने के लिए उत्सुक हैं। भारत के लिए अपनी सबसे शानदार बेटियों में से एक की मेजबानी करना खुशी की बात होगी।



