(शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, कोचिंग इंस्टीट्यूट्स 16 साल से कम उम्र के स्टूडेंट्स का एडमिशन नहीं ले सकेंगे। अगर स्टूडेंट बीच में ही कोर्स छोड़ता है तो 10 दिन के अंदर बची हुई फीस वापस करनी होगी। गाइडलाइंस का पालन न करने पर कोचिंग सेंटर्स पर 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। ज्यादा फीस वसूलने पर रजिस्ट्रेशन भी कैंसिल किया जा सकता है। कोटा के कोचिंग संस्थानों में कई विद्यार्थियों के आत्महत्या करने के बाद मामला देशभर में सुर्खियों में बना । इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया। पिछले दो दशक से पूरे देश भर में कोचिंग का व्यापार खूब फल फूल रहा है। आज के कंपटीशन के युग में माता-पिता चाहते हैं उनका बेटा पढ़ लिखकर होनहार बने। इसके लिए पिता अपने बच्चों को कोचिंग सेंटर में भेजते हैं। मौजूदा समय में देश के छोटे-बड़े सभी शहरों में दुकानों के बाहर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते कोचिंग सेंटर्स मिल जाएंगे। लेकिन एक शहर ऐसा भी है जो देश में कोचिंग का हब जाना जाता है। इस शहर का नाम है कोटा जो राजस्थान में है। कोटा कोचिंग सेंटर्स के नाम से भी पूरे देश भर में विख्यात है। हर साल इस शहर में देश भर के लाखों विद्यार्थी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए आते हैं। हाल के वर्षों में कई ऐसे विद्यार्थी थे जो दूसरे प्रदेशों से बड़े सपने लिए यहां कोचिंग करने आए थे । लेकिन कुछ वर्षों से कोटा पर कलंक भी लग गया है। यहां पर पढ़ाई का बोझ और तनाव के चलते कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद कोचिंग सेंटर पर भी सवाल खड़े हो गए। कोटा में कई ऐसे कोचिंग संस्थान हैं जो महंगे होने के साथ-साथ बच्चों को सपने भी दिखाते हैं। इन्हीं कोचिंग संचालकों के जाल में अभिभावक और बच्चे भी फंस जाते हैं। इनका पूरे देश भर में नेटवर्क फैला हुआ है। कोटा में लगातार कई विद्यार्थियों के आत्महत्या करने के बाद मामला देशभर में सुर्खियों में बना । इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया है। मंत्रालय ने यह दिशा निर्देश विद्यार्थियों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों, आग की घटनाओं, कोचिंग संस्थानों में सुविधाओं की कमी के साथ-साथ उनके द्वारा अपनाई जाने वाली शिक्षण पद्धतियों के बारे में सरकार को मिली शिकायतों के बाद तैयार किए हैं। गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक, कोचिंग इंस्टीट्यूट्स 16 साल से कम उम्र के स्टूडेंट्स का एडमिशन नहीं ले सकेंगे। अगर स्टूडेंट बीच में ही कोर्स छोड़ता है तो 10 दिन के अंदर बची हुई फीस वापस करनी होगी। गाइडलाइंस का पालन न करने पर कोचिंग सेंटर्स पर 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। ज्यादा फीस वसूलने पर रजिस्ट्रेशन भी कैंसिल किया जा सकता है। वैसे ये गाइडलाइन क्यों लानी पड़ी, ये समझना भी जरूरी है। असल में 2015 में 17 छात्रों ने सुसाइड किया, 2016 में 16, 2017 में 7, 2018 में 20, 2019 में 8, 2020 में 4 और 2022 में 15। अब ये आंकड़ा बताता है कि पिछले कुछ सालों में एक बार फिर सुसाइड केस में वृद्धि देखने को मिल गई है।



