एनडीए की तर्ज पर आयोजित पासिंग आउट परेड में 106 कैडेट्स ने दोहराया देशसेवा का संकल्प

देहरादून। सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा का सपना संजोने वाले दून डिफेंस एकेडमी के होनहार कैडेट्स के लिए शनिवार का दिन गर्व और प्रेरणा से भरा रहा। सहस्त्रधारा रोड स्थित त्रिशक्ति कैंपस में डीडीए प्रथम पग फाउंडेशन कोर्स-2 के कैडेट्स की एनडीए की तर्ज पर भव्य पासिंग आउट परेड (पीओपी) का आयोजन किया गया। इस परेड में 12 गर्ल्स समेत कुल 106 कैडेट्स ने अनुशासन और जोश के साथ कदमताल की। अंतिम पग पार करने के बाद सभी कैडेट्स ने देश सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन का संकल्प दोहराया।
परेड का आयोजन युवाओं को सैन्य जीवन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया। जल, वायु, थल और अग्नि हाउस के बैनर तले कैडेट्स ने ड्रिल स्क्वायर पर शानदार मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गंभीर सिंह नेगी ने परेड की सलामी ली और कैडेट्स के आत्मविश्वास व अनुशासन की सराहना की।
रिव्यूइंग ऑफिसर ले.ज. गंभीर सिंह नेगी (सेनि) ने अपने संबोधन में कहा कि परेड ग्राउंड पर गूंजते कदम केवल अभ्यास नहीं, बल्कि कैडेट्स के दृढ़ संकल्प की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि आज की मेहनत, पढ़ाई, अभ्यास और अनुशासन ही भविष्य में सफलता और सुरक्षा की नींव रखता है। सेना की परंपरा सिखाती है कि वर्दी पहनना गर्व की बात है, लेकिन उसे निभाना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है।
दून डिफेंस एकेडमी के निदेशक संदीप गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार की परेड का उद्देश्य कैडेट्स को एनडीए जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करना है। उन्होंने कहा कि कोर्स-वन के कई कैडेट्स एनडीए और नेवी में चयनित होकर देश सेवा कर रहे हैं। साथ ही, अब कोर्स-फोर के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एकेडमी द्वारा कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल प्रोग्राम की शुरुआत की गई है, जिसमें स्कूली शिक्षा के साथ-साथ एनडीए, मर्चेंट नेवी, सीपीएल, जेईई तथा क्रिकेट की प्रोफेशनल कोचिंग दी जाएगी।
कार्यक्रम में सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के पूर्व प्रिंसिपल ब्रिगेडियर विनोद पसबोला (सेनि), डीडीए की डिप्टी डायरेक्टर दिव्या असवाल गुप्ता, एकलव्य गुप्ता सहित एकेडमी की समस्त फैकल्टी और स्टाफ उपस्थित रहा।



