मंत्री रेखा आर्या ने कहा— महिलाओं को सहारा नहीं, सशक्तिकरण और अवसर चाहिए

देहरादून।
मुख्य सेवक सदन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान राज्य के 6 जनपदों की कुल 484 महिलाओं को योजना की पहली किस्त के रूप में 3 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई।
यह योजना तलाकशुदा, परित्यक्ता, विधवा अथवा अन्य कारणों से एकल जीवन यापन कर रही महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। सरकार का मानना है कि यह पहल एकल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने लाभार्थी महिलाओं से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि ठोस अवसरों की आवश्यकता है।
“आज महिलाओं को सहारा नहीं बल्कि सशक्तिकरण चाहिए। उन्हें उपकार के रूप में आश्रय नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर चाहिए। महिलाएं अब दहलीज और छत की सीमाओं में बंधकर नहीं रहना चाहतीं, उन्हें तरक्की की ऊंची उड़ान के लिए खुला आसमान चाहिए,” उन्होंने कहा।
रेखा आर्या ने इस योजना को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना जरूरतमंद बहनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और इससे वे स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

कार्यक्रम में विभागीय सचिव श्री चंद्रेश कुमार, निदेशक श्री बंसीलाल राणा, उपनिदेशक श्री विक्रम सिंह, श्री मोहित चौधरी, श्रीमती आरती बलोदी, श्रीमती नीतू फुलेरा सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राज्य सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है, जो एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करेगी।



