इन सभी का मकसद धामी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘उत्तराखंड समृद्ध’ को आगे बढ़ाना था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस इन्वेस्टर्स समिट के लिए पिछले तीन महीनों से देश-विदेशों में जाकर राज्य के लिए अधिक से अधिक निवेश आए उसके लिए प्रयास कर रहे थे। समिट को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश से एक ओर जहां रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए उत्तराखंड ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है। इकोलॉजी और इकॉनमी का समन्वय बनाते हुए इस निवेश को धरातल पर उतारा जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे। सीएम ने कहा कि इससे प्रदेश के विकास को अभूतपूर्व गति मिलने के साथ ही यहां की आर्थिक स्थिति को भी नई मजबूती प्राप्त होगी। सीएम धामी की मेहनत रंग लाई और उम्मीद से ज्यादा उत्तराखंड में निवेशकों ने खूब बढ़ चढ़कर करार किए। इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई । दो दिवसीय इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन शुक्रवार 8 दिसंबर को मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में मौजूद सभी निवेशकों से मंच से कहा- “आप इस राज्य में खुलकर निवेश करिए मैं आपको गारंटी देता हूं”। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में उन्होंने देवभूमि के विकास, विजन और प्लानिंग पर बात की। इस दौरान पीएम मोदी एक बार फिर उत्तराखंड आगमन पर पहाड़ी टोपी पहने हुए नजर आए। राज्य की धामी सरकार ने इस समिट का थीम ‘शांति से समृद्धि’ रखा । शुक्रवार को देहरादून पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल इन्वस्टर्स समिट स्थल पर लगी प्रदर्शनी को देखा और प्रतिनिधियों से बात की। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के उद्घाटन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 44,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया । इन्वस्टर्स समिट में शामिल होने के लिए दुनियाभर के तमाम बड़े उद्योगपति, कारोबार जगत से जुड़ी हस्तियां, विभिन्न देशों के नेता, केंद्रीय मंत्री, कई देशों के राजदूत और अन्य प्रतिनिधि पहुंचे हैं। इसका आयोजन देहरादून के फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट में किया जा रहा है। समिट का उद्देश्य उत्तराखंड को निवेश का नया केंद्र बताना है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, हमने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों के साथ 2.5 लाख करोड़ रुपए के समझौता प्रस्ताव पर हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा था। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि अपने लक्ष्य से अधिक निवेश के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। वैश्विक निवेशक सम्मेलन के पहले दिन 44 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर सरकार ने निवेशकों के साथ करार किया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोड शो, प्रदेश में जिला स्तर पर मिनी रोड शो व विभागों के स्तर पर अब तक साढ़े तीन लाख करोड़ के निवेश पर एमओयू हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान सबसे पहले अडानी ग्रुप ने उत्तराखंड में बड़े निवेश का एलान किया। वहीं, जिंदल ग्रुप, बाबा रामदेव और आईटीसी के एमडी संजीव पुरी ने प्रदेश में निवेश के बड़े एलान किए। देहरादून के एफआरआई में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन के शुभारंभ पर कई बड़े उद्योगपतियों ने उत्तराखंड में निवेश का एलान किया। वहीं प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), रियल एस्टेट, हेल्थ केयर, उच्च शिक्षा, पर्यटन, फिल्म, आयुष, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रस्ताव पर एमओयू किए हैं। इसमें सरकार ने 44 हजार करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा अदाणी एंटरप्राइज के निदेशक प्रणव अदाणी ने 1700 करोड़ के निवेश का एलान किया। निवेशक सम्मेलन में पहुंचे अडानी एंटरप्राइज के निदेशक प्रणव अडानी ने आमंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। कहा कि देहरादून आना हमेशा सौभाग्य की बात होती है, जो मेरे ह्रदय में विशेष स्थान रखता है कहा कि उत्तराखंड की भूमि लैंड ऑफ गॉड है। राज्य में निवेश को लेकर पिछले पांच साल से यहां अप्रत्याशित बदलाव हुए हैं। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन और सीमेंट फैक्ट्री के क्षेत्र में हम उत्तराखंड में मौजूद हैं। अम्बुजा सीमेंट के रुड़की प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए 300 करोड़। कुमाऊं में 800 करोड़ से हम स्मार्ट बिजली मीटर लगाने जा रहे हैं। पंतनगर में 1000 एकड़ भूमि पर एयरोसिटी बनाएंगे। ऋषिकेश देहरादून के बीच 1400 करोड़ ग्राइंडिंग यूनिट पर खर्च करेंगे। 200 स्टेट की बसें सीएनजी से चलाएंगे। जेएसडब्ल्यू के एमडी सज्जन जिंदल ने भी उत्तराखंड में बड़े निवेश का एलान किया। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमें ऐसे प्रधानमंत्री मिले जिन्होंने हमारे देश की काया पलट कर दी है।उत्तराखंड में पांच या छह साल में 1500-1500 मेगावाट के दो पंप स्टोरेज प्लांट लगाएंगे। 15 हजार करोड़ से ऊपर का खर्च होगा और हजारों को रोजगार देगा। हमने केदारनाथ में क्लीन केदारनाथ प्रोजेक्ट शुरू किया है। प्लास्टिक वेस्ट के लिए, जो तीर्थ यात्री प्लास्टिक बोतल वेंडिंग मशीन में देंगे, उन्हें 10 रुपये मिलेंगे। इसी साल शुरू किया है। केदारनाथ में इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद हम अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इसे लगाएंगे। बाबा रामदेव ने उत्तराखंड में 10 हजार करोड़ का निवेश करने और 10 हजार लोगों को रोजगार देने का एलान किया। आईटीसी के एमडी संजीव पुरी ने हरिद्वार में मैनुफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स, चार होटल बनाने का एलान किया। साथ ही फूड प्रोडक्ट के विस्तार का एलान किया।



