दिनांक 08 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में जल महोत्सव पखवाड़े के अंतर्गत “नीर नारी शक्ति सम्मान–2026” समारोह का आयोजन राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन तथा जिला जल एवं स्वच्छता मिशन, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती कुसुम कंडवाल, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग, उत्तराखंड द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पेयजल विभाग में कार्यरत महिला अभियंताओं ने पेयजल क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। राज्य के विभिन्न जनपदों से आई महिला सदस्यों ने पेयजल, स्वच्छता, जल संरक्षण और संवर्धन के लिए गांवों में किए जा रहे सराहनीय प्रयासों के बारे में अपने अनुभव व विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर महिलाओं ने जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के क्रियान्वयन के बाद उनके जीवन स्तर में आए सकारात्मक बदलावों को भी साझा किया।
समारोह के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जल जीवन मिशन से पहले और अब हर घर में नल से जल उपलब्ध होने से आए सामाजिक व आर्थिक बदलाव, जल जनित बीमारियों में कमी तथा ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के जीवन में आए परिवर्तन को प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में राज्य में पेयजल और स्वच्छता के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने वाली ग्राम प्रधानों, जल सखियों, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति की सदस्यों, पर्यावरण सखियों, पेयजल गुणवत्ता की जांच करने वाली महिला सदस्यों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रतीक चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार के सहयोग से जल जीवन मिशन योजना को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने पेयजल विभाग के सभी अधिकारियों को इसके लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। विशेष रूप से महिलाओं के कार्यभार में कमी आई है तथा जंगली जानवरों से होने वाले खतरों में भी कमी आई है।
उन्होंने बताया कि अब स्कूली बच्चे अधिक समय अपनी पढ़ाई को दे पा रहे हैं और ग्रामीण महिलाएं अपने अतिरिक्त समय का उपयोग आजीविका गतिविधियों और अन्य कार्यों में कर रही हैं। घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से दूषित पानी से होने वाली बीमारियों में भी कमी आई है।
इस अवसर पर मिशन निदेशक श्री रोहित मीणा, अधीक्षण अभियंता श्री सुनील तिवारी, अधिशासी अभियंता श्री अनंत सिंह सैनी, अधीक्षण अभियंता श्रीमती मीना सिन्हा, अधिशासी अभियंता श्रीमती कंचन रावत सहित राज्य एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अधिकारी और पेयजल विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।



