देहरादून। Shri Guru Ram Rai University के School of Yogic Science & Naturopathy द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Yogic and Ayurvedic Nutritional Perspectives for Lifestyle Disorders” शनिवार को हाइब्रिड मोड में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
यह सम्मेलन Uttarakhand State Council for Science and Technology (U-COST) के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें
भारत और विदेशों से विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, चिकित्सा पेशेवरों, शिक्षाविदों और छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की। सम्मेलन में प्रस्तुत शोध पत्रों के माध्यम से योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की भूमिका को आधुनिक जीवनशैली जनित रोगों के प्रबंधन में अत्यंत प्रभावी बताया गया।
समापन सत्र की प्रमुख बातें
समापन सत्र की शुरुआत Dean SYSN Prof. (Dr.) Om Narayan Tiwari के स्वागत संबोधन से हुई।
मुख्य वक्ता Dr. Sunil Kumar Joshi ने योग और आयुर्वेद की प्रभावशीलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये पद्धतियां आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में अत्यंत कारगर हैं।
वहीं Dr. Somveer Arya ने भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को रेखांकित किया।
विशेषज्ञों के विचार
Dr. Len Wegar ने ऑनलाइन संबोधन में कॉर्पोरेट सेक्टर में योग की भूमिका पर चर्चा की
Dr. Ram Narayan Mishra ने योग अनुसंधान, नीतियों और Ministry of AYUSH की पहल पर जानकारी दी
Dr. Shivam Mishra ने योग के वैश्विक प्रभाव को उजागर किया
Dr. Ankit Tiwari ने अफ्रीका में अपने अनुभव साझा किए
Neeta Sopawan ने शिक्षा और सामुदायिक स्तर पर योग के समावेशन पर विचार रखे
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ Prof. (Dr.) Kanchan Joshi द्वारा किया गया। इसके बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा वैलिडेशन सत्र आयोजित हुआ।
इस सम्मेलन ने योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।



