अल्मोड़ा में आगरा के युवक ने फर्जी दस्तावेजों से डाकपाल की नौकरी हासिल की। उसका यह कारनामा पकड़ में आया तो उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ऐसा ही मामला अल्मोड़ा में सामने आया है। आगरा के युवक ने फर्जी दस्तावेजों से डाकपाल की नौकरी हासिल की। उसका यह कारनामा पकड़ में आया तो उसकी सेवा समाप्ति के साथ उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। भारतीय डाक विभाग में डाकपाल पद पर चयन दसवीं के अंकों के आधार पर होता है। मैरिट के आधार पर नौकरी मिलती है। अल्मोड़ा डाक विभाग के दन्या डाकघर के निरीक्षक ने दन्या थाने में तहरीर सौंपी। उनके मुताबिक गढ़ीमा गांव, आगरा निवासी दानवीर सिंह की 21 अगस्त 2022 को जागेश्वर शाखा डाकघर में डाकपाल के पद पर नियुक्ति हुई। जब हाईस्कूल के अंक पत्र का सत्यापन पोस्टमास्टर जनरल, प्रयागराज क्षेत्र के माध्यम से कराया गया तो यह अंक पत्र फर्जी मिला। अप्रैल 2023 में पोस्टमास्टर जनरल, प्रयागराज क्षेत्र ने अपनी आख्या में दानवीर सिंह के अंक पत्र को फेक बताया। उनकी आख्या के बाद आरोपी की सेवा समाप्त कर दी गई। डाक विभाग से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। सीओ विमल प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होगी।



