गढ़वाल केंद्रीय विवि की प्रवेश समिति की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें एकेडमिक कैलेंडर को प्रवेश समिति द्वारा अनुमोदित कर स्वीकृति प्रदान की गई। आगामी 25 जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं शुरू होंगी। साथ ही अगले सत्र से विवि में पीजी में छात्रों को पांच प्रतिशत कैंपस वेटेज दिए जाने पर भी सहमति बनी। इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय एकेडमिक काउंसिल द्वारा लिया जाएगा। शनिवार को विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल की अध्यक्षता में विवि प्रवेश समिति की बैठक हुई, जिसमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए सीयूईटी प्रवेश परीक्षा या उसके बदले विवि की अपनी प्रवेश परीक्षा कराए जाने के मुद्दे को लेकर गहन चर्चा हुई, जिसमें इसके विभिन्न पक्षों को देखते हुए इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।
प्रवेश परीक्षा के मुद्दे को एकेडमिक काउंसिल में रखा जाएगा, जिसके बाद ही इस संदर्भ में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न शैक्षणिक, खेल एवं अन्य गतिविधियों में मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश दिए जाएंगे। इसके लिए अन्य विश्वविद्यालयों की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी किया जाएगा। इसके अलावा एमबीए व योगिक साइंस कोर्स शुरू करने व विभिन्न पाठ्यक्रमों में 10 से 15 प्रतिशत शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर विचार किया गया। शुल्क बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को फीस स्ट्रक्चरिंग कमेटी में रखा जाएगा। उसके बाद ही इस पर भी अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नए कोर्स शुरू करने व बैठक में रखे गए अन्य मुद्दों को एकेडमिक काउंसिल की स्वीकृति मिलने पर ही लागू किया जाएगा। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट, कुलसचिव डाॅ. धीरज शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एमएस नेगी, छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल मौजूद थे।
गढ़वाल विवि संयुक्त छात्र परिषद ने प्रवेश समिति की बैठक में सीयूईटी को रद्द नहीं किए जाने व विवि की अपनी प्रवेश परीक्षा कराए जाने के संदर्भ में निर्णय नहीं होने पर आक्रोश जताया है। संयुक्त छात्र परिषद की ओर से बिड़ला परिसर के छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल ने कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व विवि प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन दिया था कि 2024-25 में प्रवेश सीयूईटी के माध्यम से नहीं होंगे, लेकिन 20 जनवरी को प्रवेश समिति की बैठक के पश्चात यह संज्ञान में आया है कि प्रवेश सीयूईटी के माध्यम से ही करवाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में उपाध्यक्ष रूपेश नेगी, सहसचिव आदर्श चौधरी, पूर्व महासचिव सम्राट राणा, जय हो के आयुष मियां, पूर्व अध्यक्ष अंकित रावत, संदीप राणा शामिल थे।



