प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को साकार करते हुए उत्तराखंड सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से राज्य के स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्य कर रही है। यह पहल प्रदेश के किसानों, स्वयं सहायता समूहों, मातृशक्ति, महिला उद्यमियों और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय आजीविका को विश्व बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है। इसके जरिए प्रदेश के शहद, मंडुवा, झंगोरा, लाल चावल, मसाले, जड़ी-बूटियां, हस्तशिल्प और अन्य पारंपरिक उत्पादों को बेहतर ब्रांडिंग, आधुनिक पैकेजिंग और व्यापक विपणन के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।
इस पहल से स्थानीय उत्पादों को उचित बाजार मिलने के साथ किसानों और स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि हो रही है। साथ ही महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना और उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करना है।



