गंगोत्री। गंगा मैती परिवार की बैठक गंगोत्री धाम में गंगोत्री के रावल जी के साथ संपन्न हुई। बैठक में मां गंगा के उद्गम स्थल से ही गंगा जल को प्रदूषण से बचाने और उसकी निर्मलता बनाए रखने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में श्री कुशला नंद भट्ट, श्रीमती वृहस्पति भट्ट, श्रीमती प्रियंका, श्री एम.सी. नौटियाल, श्री आशीष भट्ट एवं श्री आर.डी. चमोली ने सहभागिता की और अपने सुझाव साझा किए।

गंगा मैती परिवार ने रावल जी से आग्रह किया कि मंदिर परिसर में पूजा सामग्री प्लास्टिक या पॉलीथिन में लाने तथा प्रसाद भी प्लास्टिक में वितरित करने पर रोक लगाई जाए, ताकि गंगोत्री से ही मां गंगा को प्रदूषणमुक्त और पवित्र रखा जा सके। रावल जी ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में यह भी चिंता व्यक्त की गई कि गंगोत्री तक सड़क संपर्क सुगम होने के कारण तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई लोग खुले में शौच भी करते हैं, जिसका अपशिष्ट वहां की जलवायु में आसानी से विघटित नहीं होता। इस पर रावल जी से ऐसे आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल शौचालयों के निर्माण का अनुरोध किया गया, जिनका अपशिष्ट किसी भी स्थिति में मां गंगा में न पहुंचे।



