देहरादून। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड, भारत सरकार की ओर से बुधवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में ‘व्यापारी–उद्यमी–प्रशासन संवाद’ का आयोजन किया गया। बोर्ड के अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी की अध्यक्षता में आयोजित इस संवाद में व्यापार सुगमता, व्यापारी कल्याण और केंद्र–राज्य समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के राज्य कर (जीएसटी), उद्योग, श्रम, नगर एवं ग्राम नियोजन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रदेशभर के व्यापारिक संगठनों, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, एमएसएमई प्रतिनिधियों और उद्यमियों ने भाग लिया।
संवाद को संबोधित करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी ने कहा कि राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड व्यापारियों की समस्याओं, सुझावों और नीतिगत अपेक्षाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन का उल्लेख किया, जिसमें उत्तराखंड को इस दशक का प्रमुख विकास केंद्र बताया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में आधारभूत ढांचे, पर्यटन, औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं।
बैठक में जीएसटी सुधार, एमएसएमई प्रोत्साहन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, ONDC आधारित DigiDukaan, श्रम कानूनों का सरलीकरण, खाद्य सुरक्षा, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स, स्टार्टअप, शहरी अवसंरचना और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुनील जे. सिंघी ने प्रत्येक जिले में नियमित जागरूकता एवं सुविधा शिविर आयोजित करने, जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड, जिला व्यापारी कल्याण बोर्ड और ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।
संवाद के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं और सुधारों की जानकारी साझा की, जबकि व्यापारिक संगठनों ने कराधान, बैंकिंग, लाइसेंसिंग, यातायात, विपणन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों को प्रमुखता से रखा।
कार्यक्रम के अंत में बोर्ड अध्यक्ष ने अधिकारियों एवं व्यापारिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए सभी सुझावों पर समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिलाया। साथ ही व्यापारियों से प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले बोर्ड के साप्ताहिक वर्चुअल संवाद में सक्रिय भागीदारी की भी अपील की।



