स्मार्ट पुलिसिंग की ओर उत्तराखण्ड पुलिस का एक और कदम। पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरिद्वार में पुलिस सेल्फ बैलेंसिंग स्कूटर से गश्त करेगी। नगर के पैदल रास्तों, गंगा घाटों एवं भीड़भाड़ वाले इलाकों में आसानी से निगरानी कर सकेंगे। आज दिनांक 02 फरवरी, 2024 को श्री अभिनव कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने पुलिस मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर 04 सेल्फ बैलेंसिंग इलेक्ट्रिक स्कूटर हरिद्वार को रवाना किये। उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से उत्तराखण्ड पुलिस को 04 सेल्फ बैलेंसिंग इलेक्ट्रिक स्कूटर सौंपे गए हैं। पुलिस महानिदेशक महोदय ने बताया कि संकरी गलियों में आसानी से चलने की क्षमता रखने वाले यह स्कूटर भीड़ प्रबंधन में मदद करेंगे। साथ ही यह इलेक्ट्रिक स्कूटर पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। हरिद्वार के 08 कर्मियों को इन सेल्फ बैलेंसिंग इलेक्ट्रिक स्कूटरों को चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। भविष्य में मसूरी मॉल रोड़, देहरादून पलटन बाजार में भी इनका उपयोग किया जाएगा। सेल्फ बैलेंसिंग इलेक्ट्रिक स्कूटरों को चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 08 कर्मियों को पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा प्रशस्ति पत्र भी दिए गए। इस अवसर पर श्री अमित सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन, श्री ए पी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, श्री नीलेश आन्नद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, पी/एम, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक से श्री सुयश आन्नद, National strategic manager, श्री सन्तोष रंजन, Zonal head, north सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। आज IIT रूड़की में भारत सरकार दूरसंचार विभाग की 5G की कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए कार्यक्रम क्रियान्वयन सचिव उत्तराखंड शासन दीपक कुमार. उपरोक्त कार्यक्रम में सचिव ने सर्वप्रथम दूर संचार विभाग भारत सरकार का धन्यबाद प्रकट किया कि संपूर्ण भारत के 100 स्थानों में से उत्तराखंड के 3 स्थानों, IIT Roorkee, THDC इंजीनियरिंग कालेज टिहरी व प्रौद्योगिकी कॉलेज, Pantnagar Vishwavidya, Pantnagar, को 5G लैब प्रदान की गई है. उन्होंने भविष्य में उत्तराखंड में अन्य संस्थानों जैसे उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय(UTU) आदि में भी एक 5G लैब खोलने हेतु अनुरोध किया. इसके अतिरिक्त उन्होंने DCC से सदस्य (तकनीकी) जो कि भारत सरकार में Ex-Officio सचिव होते हैं को दूर संचार विभाग की समस्त सेवा प्रदाता कंपनियों को जनता की शिकायतें दूर करने हेतु पूर्व की भांति एक केंद्रीयकृत नंबर 198 की तर्ज़ पर खुलवाने हेतु अनुरोध किया. इसके अतिरिक्त उत्तराखंड के लगभग 2500 गाँवों में समय पर 4G tower लगवाने ( इस हेतु उत्तराखंड सरकार द्वारा बीएसएनएल को लगभग 500 जमीनें दे दी गयी हैं) के साथ साथ भारतनेट के अंतर्गत 65 छूटे हुए विकासखण्डों की लगभग 6000 ग्राम पंचायतों को भी समय से फाइबर से आच्छादित करने हेतु अनुरोध किया. इसके अतिरिक्त फ्रॉड कॉल/sms एवं फ्रॉड/पॉप-अप वेबसाइट की रोकथाम हेतु भी कोई ठोस उपाय करने हेतु सुझाव दिये. आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत semiconductor उद्योग को बढ़ावा देने हेतु पूर्व की भांति सदस्य (उत्पादन) जैसे पदों का सृजन करवाने का भी सुझाव दिया गया. साथ ही साथ उत्तराखंड शासन की ‘मेरी योजना’ E- पुस्तक की तर्ज़ पर दूर संचार विभाग की भी E-Pustak Chapwane का आग्रह किया. इस दौरान मुख्य अतिथि सदस्य-तकनीकी. दूरसंचार विभाग, गुंजन दवे, महानिदेशक-NTIPRIT, देव कुमार चक्रवर्ती, निदेशक-IITR Dr Pant एवं अपर महानिदेशक- पश्चिमी उत्तर प्रदेश श्रीमती शुभा Bhambani ने भी अपने अपने विचारों से उपस्थित समुदाय को शिक्षित किया.



