देहरादून (ब्यूरो)। डिजिटल मीडिया संस्थानों की बढ़ती संचालन लागत और आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने सूचीबद्ध न्यूज पोर्टल एवं वेबसाइटों की विज्ञापन दरों में सम्मानजनक वृद्धि की मांग उठाई है। मंगलवार को यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर इस संबंध में औपचारिक मांग पत्र सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल मीडिया की भूमिका तेजी से बढ़ी है। न्यूज पोर्टल और वेबसाइटें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और महत्वपूर्ण सूचनाओं को प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तराखंड से बाहर रहने वाले प्रवासियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद डिजिटल मीडिया संस्थानों को मिलने वाली विज्ञापन दरें उनकी मौजूदा जरूरतों और बढ़ती लागत के अनुरूप नहीं हैं।
यूनियन ने विभाग के समक्ष विज्ञापन दरों से संबंधित आंकड़े रखते हुए बताया कि वर्तमान व्यवस्था में बैनर एवं वीडियो एड फिल्मों के लिए निर्धारित राशि बेहद सीमित है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि सर्वर, डोमेन, तकनीकी रखरखाव, रिपोर्टिंग स्टाफ, कैमरा एवं अन्य उपकरण, वीडियो एडिटिंग और वेबसाइट मैनेजमेंट सहित डिजिटल मीडिया संचालन की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वर्षों से चली आ रही सीमित विज्ञापन दरों पर गुणवत्तापूर्ण और नियमित डिजिटल पत्रकारिता को बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
डिजिटल मीडिया नीति में बदलाव की जरूरत
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार की डिजिटल मीडिया एवं इन्फ्लुएंसर नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों में विज्ञापनों का आवंटन किया जा रहा है, लेकिन वास्तविक रूप से समाचार सामग्री तैयार करने और प्रसारित करने वाले सूचीबद्ध पोर्टलों की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। यूनियन ने मांग की कि विज्ञापन दरों का समय-समय पर पुनरीक्षण किया जाए और संस्थानों को उनकी पहुंच, कार्यक्षमता एवं संचालन लागत के अनुरूप सम्मानजनक भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि डिजिटल मीडिया अब केवल व्यवसाय का माध्यम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का एक मजबूत सेतु बन चुका है। राज्य की योजनाओं और जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में न्यूज पोर्टलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि यदि डिजिटल मीडिया संस्थानों को पर्याप्त आर्थिक सहयोग मिलेगा तो वे अधिक बेहतर संसाधनों के साथ स्वतंत्र, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता कर सकेंगे।
सूचना महानिदेशक ने दिया सकारात्मक आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार और सूचना विभाग पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों के हितों को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया की बढ़ती उपयोगिता और उसके सामने मौजूद व्यावहारिक चुनौतियों को विभाग समझता है।
बंशीधर तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को यूनियन द्वारा विज्ञापन दरों में संशोधन को लेकर रखी गई मांग का नियमानुसार विभागीय स्तर पर परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के हितों का किसी भी स्तर पर अहित नहीं होने दिया जाएगा तथा नियमों के दायरे में सकारात्मक कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा।
यूनियन ने उम्मीद जताई कि सरकार और सूचना विभाग डिजिटल मीडिया संस्थानों की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विज्ञापन दरों के पुनरीक्षण पर जल्द निर्णय लेंगे। इससे प्रदेश में डिजिटल पत्रकारिता के आर्थिक आधार को मजबूती मिलने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और स्वतंत्र पत्रकारिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
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