बांग्लादेश कई महीनों से जल रहा है. वहां हिंसा की आग इतनी फैली कि प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देना पड़ गया. सिर्फ इतने से ही बात नहीं बनी. हालात इतने बिगड़ चुके थे कि उन्होंने इस्तीफा देने के बाद देश तक छोड़ना पड़ा. लेकिन इसकी वजह क्या रही? दरअसल, बांग्लादेशियों की कमाई इतनी भी नहीं है कि अच्छी तरह से जिंदगी का गुजर-बसर हो सके. सरकारी सिस्टम में कोटा सिस्टम से ये गुस्सा और फूट गया. सरकारी नौकरियों में फ्रीडम फाइटर्स और उनके बच्चों के लिए 30% का कोटा था. इसने आग में घी डालने का काम किया, क्योंकि जनता कई साल से बेरोजगारी और कम न्यूनतम वेतन से जूझ रही थी.
बुरुंडी और रवांडा जैसे कुछ मुल्कों को छोड़ दिया जाए, तो बांग्लादेश में कामगारों को सबसे कम वेतन मिलता है. भारत का पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश कई महीनों से हिंसा की आग में जल रहा है. प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश तक छोड़ना पड़ गया है.



