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Home » 140 करोड़ देशवासियों ने खो दिया “अनमोल रतन” , रतन टाटा के निधन पर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री फिल्म इंडस्ट्रीज और बिजनेसमैन से जुड़े लोगों ने श्रद्धांजलि दी।
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140 करोड़ देशवासियों ने खो दिया “अनमोल रतन” , रतन टाटा के निधन पर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री फिल्म इंडस्ट्रीज और बिजनेसमैन से जुड़े लोगों ने श्रद्धांजलि दी।

Pahad ki KhabarBy Pahad ki KhabarOctober 14, 2024Updated:July 5, 2025No Comments
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(टाटा के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा ने बुधवार को मुंबई के अस्पताल में 86 साल की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया। करोड़ों, अरबों का साम्राज्य होने के बावजूद भी वो अपना जीवन बेहद सादगी पूर्ण जीते रहे है। सादगी के साथ उनका सरल व्यक्तित्व देश और दुनिया के तमाम बड़ी सिलेब्रटियों पर भारी पड़ गया । वह जरूरतमंदों को दान देने में भी कभी पीछे नहीं रहे। रतन टाटा के निधन पर शायद ही भारत में ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसकी आंखें नम नहीं हुई होगी। टाटा समूह आज देश के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों में से एक है। भारत ही नहीं दुनिया भर के उद्योग जगत ने रतन टाटा को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। देश की राजनीतिक दलों के नेताओं और फिल्मी कलाकारों ने रतन टाटा के साथ फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए श्रद्धांजलि दी।)

यह कैसा मुल्क है यह कैसी रीत है, यहां लोग याद करते हैं मरने के बाद। आज बात शुरू होगी इन्हीं लाइनों के साथ। बुधवार, 9 अक्टूबर साल 2024 को देश ने अपना अनमोल रत्न खो दिया। 140 करोड़ देशवासियों के रतन टाटा ने बुधवार को मुंबई के अस्पताल में 86 साल की आयु में दुनिया को अलविदा कह दिया। करोड़ों, अरबों का साम्राज्य होने के बावजूद भी वो अपना जीवन बेहद सादगी पूर्ण जीते रहे है। सादगी के साथ उनका सरल व्यक्तित्व देश और दुनिया के तमाम बड़ी सिलेब्रटियों पर भारी पड़ गया । वह जरूरतमंदों को दान देने में भी कभी पीछे नहीं रहे। रतन टाटा के निधन पर शायद ही भारत में ऐसा कोई व्यक्ति होगा जिसकी आंखें नम नहीं हुई होगी। भारत में शायद ही कोई ऐसा होगा जो टाटा के नाम से परिचित न हो। देश की आजादी से पहले टाटा कंपनी दुनिया के तमाम देशों में पहचानी जाती थी। टाटा समूह आज देश के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों में से एक है। इतने बड़े ग्रुप के मालिक होने के बावजूद रतन टाटा का जीवन सादगी भरा रहा । भारत ही नहीं दुनिया भर के उद्योग जगत ने रतन टाटा को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। देश की राजनीतिक दलों के नेताओं और फिल्मी कलाकारों ने रतन टाटा के साथ फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए श्रद्धांजलि दी। रतन टाटा को मुंबई से बहुत लगाव था। अंतिम संस्कार के समय मुंबई भी मायूस थी। भारत में क्या आम और क्या खास जिसने भी उनके निधन का दुखद समाचार सुना सभी ने सोशल मीडिया पर मशहूर उद्योगपति रतन जी को श्रद्धांजलि दी। रतन टाटा को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। 28 दिसंबर 1937 को जन्मे रतन टाटा टाटा ग्रुप के संस्थापक जमशेदजी टाटा के परपोते हैं। वह 1990 से 2012 तक ग्रुप के चेयरमैन थे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम चेयरमैन थे। रतन, टाटा ग्रुप के चैरिटेबल ट्रस्ट्स के प्रमुख थे। रतन ने अपनी विरासत को एक नए मुकाम पर पहुंचाया। उन्होंने एअर इंडिया को अपने एंपायर में शामिल किया। विदेशी कंपनी फोर्ड के लग्जरी कार ब्रांड लैंडरोवर और जगुआर को भी अपने पोर्टफोलियो में जोड़ा। रतन टाटा को उनके सामाजिक कार्यों के लिए भी जाना जाता था। वह टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन थे, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में काम करता है। देश के मशहूर उद्योगपति पद्मविभूषण रतन टाटा को दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मभूषण और पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया।
नवल टाटा और सूनू टाटा के घर 28 दिसंबर 1937 को बॉम्बे (अब मुंबई) में जन्मे रतन टाटा ग्रुप के फाउंडर जमशेदजी टाटा के परपोते थे। उनके माता पिता दस साल की उम्र में ही अलग हो गए थे और रतन टाटा की दादी ने उनकी परवरिश की थी। रतन टाटा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के कैंपियन स्कूल से की। उन्होंने 8वीं तक की पढ़ाई यहां से पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वे मुंबई में कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल और शिमला में बिशप कॉटन स्कूल गए। इसके बाद रिवरडेल कंट्री स्कूल, न्यूयॉर्क शहर में शिक्षा प्राप्त की है। वे कॉर्नेल विश्वविद्यालय और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के छात्र भी रहे हैं। वहीं मुंबई में रतन टाटा के अंतिम संस्कार में राजनीति, फिल्म जगत के सैकड़ों लोग अंतिम दर्शन करने पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, मुकेश अंबानी और कुमार मंगलम बिड़ला समेत राजनीति, खेल और बिजनेस से जुड़ी कई हस्तियों ने टाटा को श्रद्धांजलि दी।

1991 में संभाला टाटा संस और टाटा ग्रुप के अध्‍यक्ष का पद, कंपनी को बुलंदियों पर पहुंचाया–

1962 में फैमिली बिजनेस जॉइन किया था। शुरुआत में उन्होंने टाटा स्टील के शॉप फ्लोर पर काम किया। इसके बाद वे मैनेजमेंट पोजीशन्स पर लगातार आगे बढ़े। 1991 में, जेआरडी टाटा ने पद छोड़ दिया और ग्रुप की कमान रतन टाटा को मिली। 2012 में 75 वर्ष के होने पर, टाटा ने एग्जीक्यूटिव फंक्शन छोड़ दिए। उनके 21 वर्षों के दौरान, टाटा ग्रुप का मुनाफा 50 गुना बढ़ गया। 21 वर्षों तक उन्‍होंने टाटा समूह का नेतृत्व किया और इसे बुलंदियों पर पहुंचाया। उनके नेतृत्‍व में टेटली टी, जगुआर लैंड रोवर और कोरस का अधिग्रहण किया गया। टाटा नैनो कार भी रतन टाटा की ही अवधारणा थी। उनकी देखरेख में टाटा ग्रुप 100 से अधिक देशों में फैल गया। इसमें अधिकांश रेवेन्यू जगुआर-लैंडरोवर व्हीकल्स और टेटली जैसे पॉपुलर टाटा उत्पादों की विदेशों में बिक्री से आया। रतन टाटा ने एक बार मुंबई की तेज बारिश में एक परिवार के चार लोगों को बाइक पर भीगते देखा। रतन टाटा को इस सीन ने इतना परेशान किया कि अगले दिन उन्होंने इंजीनियर को बुलाकर देश की सबसे सस्ती कार बनाने को कहा। यहीं से टाटा नैनो की शुरुआत हुई। टाटा नैनो 2008 में लॉन्च हुई। हालांकि लोगों को ये कार ज्यादा पसंद नहीं आई और साल 2020 में इसका प्रोडक्श बंद करना पड़ा। चेयरमैन का पद छोड़ने के बाद उन्होंने 44 साल के साइरस मिस्त्री को उत्तराधिकारी नियुक्त किया। उनका परिवार ग्रुप में सबसे बड़ा इंडिविजुअल शेयरहोल्डर था। हालांकि, अगले कुछ वर्षों में, मिस्त्री और टाटा के बीच तनाव बढ़ गया। अक्टूबर 2016 में, चार साल से भी कम समय के बाद, मिस्त्री को रतन टाटा के पूर्ण समर्थन के साथ टाटा के बोर्ड से बाहर कर दिया गया। फरवरी 2017 में नए उत्तराधिकारी का नाम घोषित होने तक टाटा ने चेयरमैन के रूप में अपना पद वापस ले लिया।रतन टाटा की चार बार शादी होते-होते रह गई। टाटा बताते हैं कि एक बार तो शादी हो ही गई होती, जब वो अमेरिका में थे। उसी समय उनकी दादी ने उन्हें फोन करके बुला लिया। उसी समय भारत-चीन युद्ध छिड़ जाने की वजह से वे अमेरिका नहीं जा के। कुछ समय बाद उस लड़की ने किसी और से शादी कर ली।पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा की अगुआई में ही टाटा ग्रुप ने देश की सबसे सस्ती कार लॉन्च की, तो हाल ही में कर्ज में फंसी एयर इंडिया को 18 हजार करोड़ की कैश डील में खरीदा था। बिजनेस में बेहद कामयाब रतन टाटा निजी जिंदगी में बेहद सादगी पसंद थे और मुंबई में अपने छोटे से फ्लैट में रहते थे। रतन टाटा बुक लवर थे। उनको सक्सेस स्टोरीज पढ़ना बहुत पसंद था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि रिटायरमेंट के बाद अब वे अपने इस शौक को समय दे रहे हैं। टाटा को बचपन से ही कम बातचीत पसंद थी। कारों के बारे में पूछने पर टाटा ने बताया था कि मुझे कारों से बहुत लगाव है। उन्होंने कहा था ‘मुझे पुरानी और नई दोनों तरह की कारों का शौक है।

राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं ने रतन टाटा को दी श्रद्धांजलि–

रतन टाटा के निधन पर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री फिल्म इंडस्ट्रीज और बिजनेसमैन से जुड़े लोगों ने श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा-भारत ने एक ऐसे आइकॉन को खो दिया है, जिन्होंने कॉर्पोरेट ग्रोथ, राष्ट्र निर्माण और नैतिकता के साथ उत्कृष्टता का मिश्रण किया। पद्म विभूषण और पद्म भूषण से सम्मानित रतन टाटा ने टाटा ग्रुप की विरासत को आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टाटा एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर, दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे। उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया। उनका योगदान बोर्ड रूम से कहीं आगे तक गया। राहुल गांधी ने लिखा-रतन टाटा दूरदृष्टि वाले व्यक्ति थे। उन्होंने बिजनेस और परोपकार दोनों पर कभी न मिटने वाली छाप छोड़ी है। उनके परिवार और टाटा कम्युनिटी के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया, ‘देश के गौरवशाली सपूत रतन टाटा जी के निधन की खबर सुनकर मैं स्तब्ध हूं। तीन दशकों से अधिक समय तक मुझे उनके साथ एक गहरा व्यक्तिगत और करीबी पारिवारिक संबंध रखने का सौभाग्य मिला, जहां मैंने उनकी विनम्रता, सादगी और सभी के प्रति वास्तविक सम्मान देखा, चाहे उनकी स्थिति कुछ भी हो। उनके जीवन में ईमानदारी और करुणा के मूल्य समाहित थे, जो कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे। भारत के अग्रणी उद्योगपति के रूप में, अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में उनके उल्लेखनीय योगदान ने अनगिनत लोगों के जीवन को बदल दिया । अपने व्यावसायिक कौशल से परे, वह एक समर्पित देशभक्त और सामाजिक रूप से जागरूक नेता थे, जिन्होंने समाज को गहराई से प्रभावित किया। मैंने उनसे जो सीखा, वह हमेशा मेरे जीवन में गूंजता रहेगा। उनका जाना हमारे देश के लिए बहुत बड़ा दुख है, क्योंकि हमने एक दूरदर्शी और दयालु मार्गदर्शक खो दिया है। ओम शांति। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा, ‘श्री रतन टाटा के निधन से दुख हुआ। वह भारतीय उद्योग जगत के महान नायक थे जिन्हें हमारी अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। उसकी आत्मा को शांति मिले। शरद पवार ने कहा- दुनियाभर में अपनी शानदार उपलब्धियों से देश का नाम रोशन करने वाले टाटा समूह के चेयरमैन, उद्योगपति रतन टाटा ने दुनिया को अलविदा कह दिया। देश पर आने वाली हर प्राकृतिक या मानवीय संकट से निपटने के लिए हमेशा मदद का हाथ बढ़ाने वाले रतन टाटा के स्वभाव को हमेशा याद रखा जाएगा। सामाजिक चेतना के माध्यम से अपनी सफलता का मार्ग प्रशस्त करने वाले व्यक्तित्व रतन टाटा को भावभीनी श्रद्धांजलि!! भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी है। आडवाणी ने कहा कि मेरी उनसे (रतन टाटा) आखिरी बात इसी साल फरवरी में हुई थी, जब उन्होंने मुझे भारत रत्न मिलने पर बधाई दी। उनकी गर्मजोशी, उदारता और दयालुता हमेशा याद रहेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा- भारत रत्न रतन टाटा नहीं रहे। वे महाराष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने हजारों लोगों की मदद की। रतन टाटा हमारे देश के कोहिनूर थे। हमारे राष्ट्र के लिए बहुत बड़ा योगदान है। वे एक ‘देशभक्त’ और ‘देश प्रेमी’ थे।महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- रतन टाटा न केवल एक बहुत सफल उद्योगपति थे, बल्कि जिस तरह से उन्होंने देश और समाज के लिए काम किया, उससे वे एक बड़ी शख्सियत भी थे। उन्होंने न केवल सफल उद्योग स्थापित किए बल्कि एक ऐसा ट्रस्ट, एक ऐसा ब्रांड खड़ा किया, जिसने हमारे देश को वैश्विक पहचान दी। एक बहुत बड़े दिल वाला इंसान आज हमसे दूर चला गया, यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। मुकेश अंबानी ने लिखा-ये भारत के लिए बहुत दुखद दिन है। रतन टाटा का जाना ना सिर्फ टाटा ग्रुप, बल्कि हर भारतीय के लिए बड़ा नुकसान है। व्यक्तिगत तौर पर रतन टाटा का जाना मुझे बहुत दुख से भर गया है, क्योंकि मैंने अपना दोस्त खो दिया है। गौतम अडाणी ट्वीट करते हुए लिखा- भारत ने एक महान और दूरदर्शी व्यक्ति खो दिया है। टाटा ने मॉडर्न इंडिया के पाथ को रीडिफाइन किया। टाटा सिर्फ एक बिजनेस लीडर नहीं थे, उन्होंने करुणा के साथ भारत की भावना को मूर्त रूप दिया। आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। न केवल कॉर्पोरेट इंडिया के लिए बल्कि पूरे देश के लिए। उनके काम का प्रभाव अद्वितीय है। हमें उन्हें उनके काम की समृद्धि के माध्यम से याद रखना चाहिए। हम कई बार मिले थे, सालों पहले वह शांत, मितव्ययी थे और हमेशा देश के हित में सोचते थे। आनंद महिंद्रा ने कहा मैं रतन टाटा की अनुपस्थिति को स्वीकार नहीं कर पा रहा हूं। रतन टाटा को भुलाया नहीं जा सकेगा, क्योंकि महापुरुष कभी नहीं मरते। सुंदर पिचाई ने कहा रतन टाटा से पिछली मुलाकात के दौरान उनका विजन सुनना मेरे लिए प्रेरणादायक था। वे एक्स्ट्राऑर्डिनरी बिजनेस लीगेसी छोड़ गए हैं। उन्होंने भारत में मॉडर्न बिजनेस लीडरशिप को मार्गदर्शन देने और डेवलप करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज गमगीन, कलाकारों ने रतन टाटा के साथ पुरानी यादें ताजा की–

देश के नामचीन उद्योगपति रतन टाटा के निधन के बाद बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्रीज भी गमगीन है। भारतीय फिल्म इंडस्ट्रीज के सितारों ने रतन टाटा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए याद किया। महानायक अमिताभ बच्चन ने लिखा कि एक युग का अंत हो गया।उनकी विनम्रता, महान संकल्प, विजन और उनके समर्पण पर हम हमेशा गर्व करते रहेंगे। ये मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही कि मुझे उनके साथ मानवता से जुड़े कामों में साथ रहा। साउथ सुपरस्टार रजनीकांत ने एक्स पर लिखा- रतन टाटा लेजेंडरी आइकॉन थे। वे अपने विजन और पैशन से भारत को विश्व पटल पर ले गए। रतन टाटा ने हजारों इंडस्ट्रियलिस्ट को प्रेरणा दी। उन्होंने लाखों लोगों को नौकरियां दीं। वे ऐसे शख्स थे, जिन्हें हर कोई प्यार और सम्मान करता है। भारत का सच्चा बेटा नहीं रहा। उनके साथ बिताए पल हमेशा याद रहेंगे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे भी रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वहीं कभी रतन टाटा के साथ अफेयर को लेकर सुर्खियों में रहीं एक्ट्रेस सिमी गरेवाल ने भी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इंडस्ट्रियलिस्ट को याद किया है। सिमी गरेवाल कभी रतन टाटा से बेहद प्यार करती थीं। 2011 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने यह कबूल किया था। एक्ट्रेस ने बताया था कि उन्होंने कुछ वक्त के लिए रतन टाटा को डेट किया था। बाद में उनका ब्रेकअप हो गया, पर वो हमेशा अच्छे दोस्त रहे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सिमी गरेवाल और रतन टाटा एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे पर किसी कारण उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया। बाद में जब रतन टाटा, सिमी के शो का हिस्सा बने थे तब उन्होंने अपने करियर से लेकर लव लाइफ और पर्सनल लाइफ पर दिलचस्प खुलासे किए थे। टाटा ने कभी शादी नहीं की। 2011 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- ‘मैं 4 बार शादी करने के काफी करीब आया पर हर बार मैं किसी ना किसी डर से पीछे हट गया।सिमी के अलावा साउथ के सुपरस्टार कमल हासन ने भी टाटा के निधन पर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘रतन टाटा जी मेरे पर्सनल हीरो थे। मैं अपनी पूरी जिंदगी उनके जैसा बनने की कोशिश की। देश को लेकर उनका जो योगदान है वो मॉर्डन इंडिया की कहानियों के साथ हमेशा जुड़ा रहेगा। सलमान खान, जूनियर एनटीआर और चिरंजीवी समेत कई और सेलेब्स ने भी अपने ट्वीट के जरिए रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी। वहीं साउथ के मशहूर डायरेक्टर एसएस राजामौली ने भी रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी। डायरेक्टर ने ट्वीट कर लिखा, ‘लीजेंड्स पैदा होते हैं और अमर रहते हैं। बिना टाटा प्रोडक्ट यूज करे एक दिन गुजारने का सोच पाना भी बहुत मुश्किल है। आपने देश के लिए जो भी किया उसके लिए शुक्रिया सर। एक्टर आमिर खान और उनकी एक्स वाइफ किरण राव भी रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। आमिर ने कहा कि आज का दिन पूरे देश के लिए दुख भरा है। रतन टाटा का देश के लिए योगदान अमूल्य है। ऐसे लोग बहुत कम होते हैं। हम सब उन्हें मिस करेंगे। एक्टर अनुपम खेर बोले कि लगता था कि रतन टाटा हमेशा रहेंगे। आप कुछ लोगों से मिलते नहीं है, लेकिन उनका एहसास देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर, चैरिटी इंस्टीट्यूशंस में नजर आता है। आज देश ने अपना एक रत्न खो दिया है। मेरी उनसे मुलाकात कुछ साल पहले लंदन में हुई थी। बकिंघम में उनका एक होटल है। 5-7 मिनट की बातचीत में वे बोले कि मुझे आपकी कॉमेडी पसंद है। आप किसी को अपना आदर्श बनाना चाहते हैं तो रतन टाटा उसमें सबसे ऊपर आएंगे। हमारे यहां एक बात कही जाती है- अपने आप को टाटा-बिड़ला समझता है। रतन ऐसे टाटा हैं, जिन्हें कोई टाटा नहीं करना चाहेगा। बता दें कि बुधवार रात मुंबई के बीच कैंडी अस्पताल में 86 साल की आयु में रतन टाटा का निधन हो गया था।

रतन टाटा अरबों का साम्राज्य छोड़ गए, दान देने में भी पीछे नहीं रहे–

अरबों रुपए का साम्राज्य छोड़कर रतन टाटा अब इस दुनिया में नहीं रहे । पूरा देश अपने अनमोल रतन पद्म विभूषण रतन टाटा के जाने से दुखी है। बुधवार रात उन्होंने मुंबई ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अंतिम सांस लीं। ऐसे में हर कोई भारत के विकास में उनके अहम योगदान के लिए उन्हें याद किया। रतन टाटा ने न सिर्फ टाटा ग्रुप बल्कि देश को भी एक नई दिशा दी है। देश में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जिसमें रतन टाटा ने टाटा कंपनी का उत्पाद न पहुंचाया हो। रतन टाटा ने अपने पूरे जीवन में कड़ी मेहनत के बल पर उद्योग जगत में अपना नाम बनाया था। बिजनेस के हर क्षेत्र में उन्होंने अपना योगदान दिया। उन्होंने पूरी दुनिया के सामने भारत का नाम रोशन किया। यही वजह है कि वह सिर्फ नाम से ही नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व से भी देश के रतन थे। रतन टाटा साल 1991 में टाटा संस और टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने। उनकी अगुआई में टाटा ग्रुप ने नई बुलंदियों को छुआ। रतन टाटा ने 21 साल तक टाटा ग्रुप का नेतृत्व किया। उन्होंने 2012 में चेयरमैन का पद छोड़ दिया, लेकिन टाटा संस, टाटा इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, और टाटा केमिकल्स के चेयरमैन एमेरिटस बने रहे। उनके मार्गदर्शन में इन कंपनियों ने बुलंदी के नए मुकाम को छुआ। अपनी उपलब्धियों, शब्दों और सबसे अहम अपने सामाजिक कार्यों से वे अपनी अमिट छाप छोड़ चुके हैं। टाटा ग्रुप को देश से निकालकर दुनिया में पहुंचाने वाले रतन टाटा का नाम इतिहास की किताब में पहले पन्ने पर दर्ज हो चुका है। टाटा ग्रुप का कारोबार दुनिया में फैला हुआ है। इसका दखल रसोई का नमक बनान से लेकर आसमान में हवाई जहाज उड़ाने तक है। टाटा ग्रुप के पास 100 से अधिक लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियां हैं। इनका कुल बिजनेस तकरीबन 300 अरब डॉलर का है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिवंगत रतन टाटा अपने पीछे अनुमानित तौर पर करीब 3800 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं। रतन टाटा की परोपकार कार्यों में गहरी दिलचस्पी थी। उनकी दरियादिली की अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा दान में जाता था। ये दान टाटा ट्रस्ट होल्डिंग कंपनी के तहत होता था। रतन टाटा हर मुश्किल के वक्त देश के लोगों के साथ खड़े रहते थे। फिर चाहे वह 2004 की सुनामी हो, या फिर कोरोना महामारी का प्रकोप। रतन टाटा अपने सामाजिक कार्यों के साथ आर्थिक तंगी से जूझने वाले छात्रों की भी आगे बढ़ने में मदद करते थे। उनका ट्रस्ट मेधावी छात्रों को पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप देता है।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ‘अपणि सरकार’ नागरिक सेवाएं आपके द्वार योजना का फ्लैग ऑफ किया।

July 8, 2023

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साइकिलिस्ट आशा मालवीय ने भेंट की।

July 8, 2023
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