(आठ दिनों से इजरायल और हमास के बीच युद्ध जारी है। इस जंग की शुरुआत हमास के आतंकियों ने की थी। आतंकियों ने दक्षिणी इजरायल में घुसकर नरसंहार मचाया। सैकड़ों इजराइली लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसके साथ कई लोगों को बंधक बनाकर भी ले गए। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- ये जंग है और हम इसे जरूर जीतेंगे। दुश्मनों को इसकी कीमत चुकानी होगी। हमास-इजरायल जंग के बाद पूरी दुनिया दो गुटों में बंट गई है। दुनिया भर के देशों में इजरायल और फिलिस्तीन को लेकर प्रदर्शन हो रहा है। अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।अब सवाल ये है कि आखिर ये जंग कितनी बड़ी होने वाली है। क्या सिर्फ लड़ाई गाजा पट्टी तक सिमटेगी या अरब के देश अब इजरायल के खिलाफ एक बार फिर जंग के मैदान पर उतरेंगे। यदि ऐसा हुआ तो ये यह जंग लंबी चलेगी। रूस और यूक्रेन में जारी जंग के बीच अब दो और मुल्कों में आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। हालांकि इन दोनों देशों कि लड़ाई नई नहीं है बल्कि वर्षों से एक दूसरे से जंग लड़ते चले आ रहे हैं। हम बात कर रहे हैं इजरायल और फिलिस्तीन की। 7 अक्टूबर की सुबह फिलिस्तीन के हमास के आतंकियों ने दक्षिणी इजरायल में घुसकर नरसंहार मचाया। सबसे पहले उन्होंने इजराइल में हजारों की संख्या में रॉकेट दागे उसके बाद जमीन के रास्ते लगातार हमला करते हुए इजराइल में घुस गए। हमास ने शनिवार सुबह इजराइल राजधानी तेल अवीव, स्देरोट, अश्कलोन समेत 7 शहर में रॉकेट दागे। हमास के आतंकियों ने सैकड़ों इजराइल लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसके साथ कई लोगों को बंधक बनाकर भी ले गए। हमास के अचानक किए गए आक्रमण से गुस्साए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जंग का एलान कर दिया है। नेतन्याहू ने कहा- ये जंग है और हम इसे जरूर जीतेंगे। दुश्मनों को इसकी कीमत चुकानी होगी। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास ने हम पर हमला करके सबसे बड़ी गलती की है। हम इसकी ऐसी कीमत वसूलेंगे, जिसे हमास और इजराइल के बाकी दुश्मनों की पीढ़ियां दशकों तक याद रखेंगी। नेतन्याहू ने कहा- हम युद्ध नहीं चाहते थे। हम पर बहुत क्रूर तरीके से यह थोपा गया। हमने भले ही युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन इसका अंत हम ही करेंगे। इजराइल सिर्फ अपने लोगों के लिए नहीं बल्कि बर्बरता के खिलाफ खड़े हर देश के लिए लड़ रहा है। उन्होंने बंधक बनाए गए लोगों की दुर्दशा पर कहा, हमास ने निर्दोष इजरायलियों के खिलाफ जो क्रूर हमले किए, वे चौंकाने वाले हैं। परिवारों को उनके घरों में मारना, एक उत्सव में सैकड़ों युवाओं की हत्या करना, और कई महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का अपहरण करना, यहां तक कि होलोकॉस्ट में बचे लोगों का भी। हमास के आतंकवादियों ने बच्चों को बांधा, जलाया और मार डाला वे बर्बर हैं। वहीं भारत इस युद्ध में इजरायल के साथ खड़ा हुआ है। हमास के साथ जंग में इजरायल के समर्थन में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस समर्थन कर रहे हैं। अमेरिका ने खुले तौर पर कहा कि संकट की इस घड़ी में वो इजरायली नागरिकों के साथ है। लगातार दोनों ओर से ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों में बेकसूर लोगों की मौतों के साथ बड़ी तबाही भी हो रही है।इजरायल और हमास के बीच शुरू हुई जंग विध्वंसक मोड़ पर जाती जा रही है। हमास के रॉकेट हमले का जवाब अब इजरायल अपनी एयरस्ट्राइक से दे रहा है। इस बीच गाजा में कई विदेशी नागरिकों की भी मौत हो चुकी है। हमास के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में इजरायल गाजापट्टी को घेरने की तैयारी में जुट गया है। इजराइल और हमास के बीच आठ दिनों से लगातार जंग जारी है। इजराइली सेना बॉर्डर पार कर टैंकों के साथ गाजा में घुस गई। इजराइली सेना ने कहा है कि वो अपने बंधकों को छुड़ाने के लिए गाजा में घुसी है। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक इस युद्ध में करीब चार हजार लोगों की मौत हो चुकी है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि 7 अक्टूबर से अब तक इजराइल के हमलों से गाजा में 1900 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है। इनमें 614 बच्चे और 370 महिलाएं शामिल हैं। वहीं 7600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दूसरी तरफ इजराइल ने कहा है कि उसने लगभग 1,500 आतंकवादियों को मारा है। वहीं हमास ने शुक्रवार को तेल अवीव पर करीब 250 रॉकेट दागे। इसके बाद कुछ बम धमाके भी हुए। हमास-इजरायल जंग के बाद पूरी दुनिया दो गुटों में बंट गई है। दुनिया भर के देशों में इजरायल और फिलिस्तीन को लेकर प्रदर्शन हो रहा है। यहां लोग सड़कों पर उतरे हैं। कोई शांति की अपील कर रहा है तो कोई फिलिस्तीन या इजरायल का समर्थन कर रहा है। भले ही कई देश फिलिस्तीन का समर्थन रहे हों लेकिन जंग की ऐलान की बात अब तक नहीं हुई है। वहीं अमेरिका ने साफ कर दिया है कि इस लड़ाई में अगर कोई और देश कूदा तो वो उससे निपटने के लिए तैयार है। हालांकि, अमेरिका इस युद्ध में इजरायल का उसी तरह से समर्थन कर रहा है, जैसे उसने रूस के साथ हो रहे जंग में यूक्रेन का किया है।हमास के आतंकी अभी भी घात लगाकर बैठे हैं. उसके आतंकी अब ज्यादा खतरनाक है. पहले से ज्यादा संगठित और तैयार है. उनको खास तरह की ट्रेनिंग दी गई है. हमास इजरायल पर इतना बडा अटैक कर पाया है तो इसकी वजह है उसको वो मिनी आर्मी जिसको खास तौर पर तैयार किया गया है। हमास ने हाल के सालों में इजरायल को परेशान करने के लिए खास तैयारी की है।
इजराइल से ऑपरेशन अजय के तहत भारतीयों की शुरू हुई वतन वापसी–
भारत सरकार के ऑपरेशन अजय के तहत इजराइल के तेल अवीव से शनिवार सुबह भारतीयों का दूसरा जत्था दिल्ली पहुंचा है। शुक्रवार देर रात 235 लोगों को लेकर फ्लाइट रवाना हुई थी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इनके फ्लाइट में बैठने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं। इजराइल में फंसे 447 लोगों का अब तक रेस्क्यू किया गया है। शुक्रवार सुबह एअर इंडिया की फ्लाइट से 212 लोग दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे।इजराइल में करीब 18 हजार भारतीय रहते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वहां से निकालने के लिए ‘ऑपरेशन अजय’ की शुरुआत की गई है। इसके तहत पहली चार्टर्ड फ्लाइट गुरुवार रात तेल अवीव पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सरकार भारतीय वायु सेना के विमानों की मदद भी ले सकती है, अभी सिर्फ चार्टर्ड विमानों की मदद ली जा रही है। बागची ने बताया कि इजरायल में 18 हजार भारतीय होने के अलावा कुछ भारतीय गाजा पट्टी में भी फंसे हैं। इसमें कश्मीर की एक महिला भी है, जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को है। इनको वहां से निकाले जाने के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वहां भी ऐसा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इजरायल में रहने वाले सभी भारतीयों से कहा गया है कि वह तेल अवीव स्थित दूतावास से संपर्क करें और सरकार की वेबसाइट पर पंजीयन कराएं। इजरायल की तरफ से गाजा पट्टी पर लगातार बमबाजी की जा रही है। वहीं, फिलिस्तीन में हमास के लड़ाके भी शांत नहीं पड़े हैं। वो इजरायल पर अभी भी तीन मोर्चे से अटैक कर रहे हैं। लेबनान, समंदर से सटे इलाके और इजिप्ट से सटे साउथ गाजा से रॉकेट और मिसाइलें दागी जा रही हैं। गुरुवार को सेंट्रल इजरायल के वेस्ट बैंक की तरफ भी रॉकेट दागे गए हैं। उसकी लड़ाई सिर्फ हमास से नहीं हैं। उसके कई दुश्मन हैं। उसकी खुद की सीमाओं पर चारों तरफ से खतरा मंडरा रहा है। ऐसे ही एक खतरे का मैदान लेबनान है। भले ही लड़ाई सीधी ना हो रही हो, लेकिन माहौल पूरी तरह से जंग का बना हुआ है। लेबनान का आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह भी इस युद्ध में कूदने के लिए बेकरार है. हमास की तरह ही इस संगठन को भी ईरान का समर्थन हासिल है। वो अभी हमास की मदद कर रहा है। लेकिन जंग के मैदान पर उतरा नहीं है। फिलहाल यह संगठन अभी सिर्फ बॉर्डर पर है, लेकिन किसी भी समय यह जंग में उतर सकता है। चौतरफा दुश्मनों से घिरा इजरायल पूरी तरह सतर्क है। अब सवाल ये है कि आखिर ये जंग कितनी बड़ी होने वाली है। क्या सिर्फ लड़ाई गाजा पट्टी तक सिमटेगी या अरब के देश अब इजरायल के खिलाफ एक बार फिर जंग के मैदान पर उतरेंगे। यदि ऐसा हुआ तो ये यह जंग लंबी चलेगी।



