एशिया कप में पहले भी टीमें टूर्नामेंट का बायकॉट कर चुकी हैं. 1986 में भारत और 1990 में पाकिस्तान ने ऐसा किया था. आखिर इसकी वजह क्या रही? इस बार भार पहले देश, फिर खेल. ऐसा नहीं हो सकता कि सीमा पर लड़ाई हो, दोनों देशों (भारत-पाकिस्तान) के बीच तनाव हो, और हम जाकर क्रिकेट (एशिया कप 2025) खेलें, जब तक बड़े मुद्दे हल नहीं होते, तब तक क्रिकेट बहुत छोटी बात है, देश हमेशा सबसे पहले आता है. ये बयान हरभजन सिंह का है, जो उन्होंने एशिया कप में भारत की भागीदारी को लेकर दिया है. कुल मिलाकर भज्जी बिल्कुल भी नहीं चाहते कि टीम इंडिया एशिया कप 2025 में जाकर खेले. हरभजन वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) का हिस्सा थे, जहां इंडिया चैम्पियंस टीम ने ग्रुप स्टेज और सेमीफाइनल दोनों में पाकिस्तान चैम्पियंस के खिलाफ खेलने से इनकार किया. भज्जी के इस फैसले में शिखर धवन, युवराज सिंह, इरफान पठान, सुरेश रैना और यूसुफ पठान भी शामिल थे. यह फैसला पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के बाद लिया गया था. हरभजन ने कहा कि ‘देश सबसे पहले’ है. ऐसे में एक बार फिर एशिया कप को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस बार यह टूर्नामेंट हो पाएगा या नहीं. एशिया कप में पहले भी टीमें टूर्नामेंट का बायकॉट कर चुकी हैं. 1986 में भारत और 1990 में पाकिस्तान ने ऐसा किया था.



