कई दिनों के बाद
उदास चूल्हा आज हंस रहा है
कई दिनों के बाद
मेहमाँ आया है घर मेँ फिर
कई दिनों के बाद
रोटी मंडूवे की छोडकर
गेंहूँ की बनी है
कई दिनो के बाद
झंगोरा फांडा छोड के
दाल भात बना है
कई दिनो के बाद
घी के डिब्बे ने सांस ली है
कई दिनो के बाद
सबने मिलकर छाँछ पी है
कई दिनों के बाद
गुड का डला कोने से ताकता
बनी चाय चीनी की
कई दिनों के बाद
पैतूड पकौड़ी और खीर बनी है
कई दिनों के बाद
मेहमाँ तुम फिर जल्दी आना
इस बार आए क्यों.
कई दिनों के बाद
अब तुमसे मिलेगा
फिर एक आना
कई दिनों के बाद
अनीता चमोली
देहरादून उत्तराखंड



