Close Menu
Pahad Ki KhabarPahad Ki Khabar
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • देश
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • क्राइम
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
ब्रेकिंग न्यूज़ -
  • स्त्री: अनीता चमोली
  • देवी भागवत कथा और सोमेश्वर में पूजन में शामिल हुईं रेखा आर्या
  • कैबिनेट मंत्री से शिष्टाचार भेंट, भगवान सेम मुखेम मंदिर का चित्र भेंट: सीए राजेश्वर पैन्यूली
  • रामनवमी पर एएसजी आई हॉस्पिटल का बड़ा सेवा कार्य, 150 लोगों की आंखों की जांच सूर्यकांत धस्माना बोले सेवा ही सच्ची आस्था, ऐसे शिविर समाज के लिए वरदान
  • रामनवमी पर मुख्यमंत्री आवास में कन्या पूजन, CM पुष्कर सिंह धामी ने दिया नारी सम्मान का संदेश
  • राजपुर की वादियों में गूंजेगा माँ अंबिका का जयकारा, सिद्धपीठ में नवरात्रि पर भव्य जागरण व भंडारे का आयोजन
  • उत्तराखंड के निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी पहल: BOCW बोर्ड और CSC के बीच MoU पर हस्ताक्षर
  • कोटद्वार में पहली बार हिमालयन इंडस्ट्री एंड बिजनेस एक्सपो 27 से, उद्योग विभाग की पहल, तीन दिन चलेंगे सेमिनार और प्रदर्शनी
  • मुख्यमंत्री ने किया देहरादून – पिथौरागढ़ विमान सेवा का शुभारंभ, एलाइंस एयर देहरादून– पिथौरागढ़ के बीच संचालित करेगा 42 सीटर विमान सेवा
  • कैंट विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मेयर सौरभ थपलियाल से की मुलाकात !
Thursday, March 26
Facebook X (Twitter) Instagram
Pahad Ki KhabarPahad Ki Khabar
Demo
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • देश
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • क्राइम
Pahad Ki KhabarPahad Ki Khabar
Home » इजरायल-हमास के बीच जारी युद्ध किस करवट बैठेगा
राजनीति

इजरायल-हमास के बीच जारी युद्ध किस करवट बैठेगा

Pahad ki KhabarBy Pahad ki KhabarNovember 22, 2023No Comments
Facebook Twitter WhatsApp Telegram
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp

For more information, click on the Image

युद्ध-विराम के लिये समझौते टेबल पर बैठने की पहल हो

इसकी कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकता। डेढ़ माह से चल रहे इस युद्ध को विराम देने की कामना पूरी दुनिया कर रही है। सब शांति चाहते हैं, अयुद्ध चाहते हैं, अमन-चैन की भावना सभी के दिलों में है। लेकिन शांति एवं अयुद्ध की कामना के साथ कहीं-न-कहीं सोच में भयंकर भूल है। प्रतीत ऐसा हो रहा है बात युद्ध-विराम की हो और कार्य हों युद्ध के तो युद्ध-विराम कैसे होगा? इतने लम्बे युद्ध की विडम्बना यही है कि इजरायल पूरी ताकत लगाने के बावजूद अपने मिशन में कामयाब नहीं हो पाया है। न तो वह हमास को खत्म कर पाया है और न ही बंधक बनाए गए अपने लोगों को छुड़ा पाया है। छियालीस दिन से चल रहे इस युद्ध का एक और सार तत्व जो सामने आ रहा है वह यह कि करीब चौदह हजार लोगों की मौत हो चुकी है और इससे दोगुने घायल हुए हैं। इस युद्ध की एक और बड़ी विसंगति यही है कि मरने वालों में अधिकतर आमजन, महिलाएं और बच्चे हैं। युद्ध अनिवार्य हो सकता है, फिर भी युद्ध के बारे में उसका अंतिम सुझाव या निर्णय यही है कि युद्ध में किसी भी पक्ष की जीत निश्चित हो। लेकिन इस युद्ध में तो कोई भी जीतता हुआ प्रतीत ही नहीं हो रहा है। हिंसा एवं जनसंहार तो निश्चित है पर यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। युद्ध आज के विकसित मानव समाज पर कलंक का टीका है। युद्ध करने वाले और युद्ध को प्रोत्साहन देने वाले किसी भी पक्ष को आज तक ऐसा कोई महत्वपूर्ण प्रोत्साहन नहीं मिला, जो उसे गौरवान्वित कर सके। निश्चित ही युद्ध तो बर्बादी है, अशांति है, विकास का अवरोध है, अस्थिरता है और जानमाल की भारी तबाही है। ऐसे युद्ध का अन्तिम निर्णय जब समझौते की टेबल पर ही होना है तो क्यों नहीं पहले ही टेबल पर बैठा जाये?
युद्ध तो एक आग है, जो सब कुछ भस्म कर देती है। हम इजरायल-हमास एवं रूस-यूक्रेन के युद्ध में ऐसी ही भारी तबाही, जनसंहार एवं विभीषिका देख रहे हैं। इन दोनों युद्ध से जुड़े अनेक सवाल अहम हैं, लेकिन इनका जवाब देने वाला कोई नहीं है। दो देशों के बीच युद्ध में निर्णायक अथवा मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला संयुक्त राष्ट्र भी युद्ध समाप्त करने की अपील से अधिक कुछ नहीं कर पा रहा। भारत ने भी ऐसे अनूठे प्रयास किये, लेकिन उनकी निर्णायक भूमिका नहीं बन पायी। भले ही भारत के प्रयास सफल न हो रहे हो, लेकिन ऐसे ही प्रयासों की आज प्रासंगिकता है। इन्हीं में युद्ध का अंधेरा नहीं, शांति का उजाला है, जो विश्व मानवता के हित में हैं। भारत ने युद्ध विराम की कोशिशों के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी दर्शाया है। भारत ने लगातार पीड़ित लोगों की सहायता के लिये राहत सामग्री एवं दवाइयां भिजवाई है। भारत की पहल की संयुक्त राष्ट्र महासभा में रुचिरा कंबोज ने प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय नेतृत्व का संदेश स्पष्ट और सुसंगत रहा है। हम आतंकवाद के सभी स्वरूपों का दृढ़ता से विरोध करते हैं। इस्राइल और हमास के बीच पिछले कई दिनों से युद्ध जारी है, कम्बोज ने भारत के मानवीय आधार पर युद्ध विराम के प्रयासों को सराहा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय के उन प्रयासों की भी सराहना की है जिनका उद्देश्य तनाव कम करना और फिलीस्तीन के लोगों को तत्काल मानवीय सहायता प्रदान करना है। कंबोज ने 70 टन आपदा राहत सामग्री पहुंचाने सहित फिलीस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इनमें दो किस्तों में 17 टन दवाएं और चिकित्सा आपूर्ति शामिल हैं।
युद्ध की स्थितियां लगातार विकराल होती जा रही है, इस संघर्ष में एक तरफ है इजरायल की सेना और दूसरी तरफ है आतंकी संगठन हमास, जो फिलीस्तीन को फिर से जिंदा करने के पक्ष में हैं। इजरायल ने हमास को नेस्तनाबूत करने की घोषणा की है, जबकि हमास ने दशकों पहले दुनिया के नक्शे से इजरायल का नामों-निशान मिटा देने की कसम खा रखी है। इस संघर्ष को लेकर दुनिया के देश भी अलग-अलग गुटों में बंट गए हैं, विरोधाभासी सोच सामने आ रही है। सब इस बात को भलीभांति जानते हैं कि ऐसे युद्ध के विनाश से उपजे हालात सदियों तक मानवता को भोगने पड़ते हैं। युद्ध भौतिक हानि एवं विनाश के अतिरिक्त मानवता के अपाहिज और विकलांग होने में भी बहुत बड़ा कारण है। इससे पर्यावरण इतना प्रदूषित हो जाता है कि सालों तक इंसानों को शुद्ध सांस और भोजन मिलना मुश्किल हो जाता है। वैज्ञानिक इस बात की घोषणा कई बार कर चुके हैं कि युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने कम और दुष्परिणामों का शिकार बनने वाले संसार के सभी प्राणी होते हैं।
युद्ध कितना भी लम्बा चले, उसका अंत समझौते से ही संभव है, यह अन्तिम शरण प्रारंभिक शरण बननी चाहिए। इसके लिये दुनिया की महाशक्तियों को सच्चे एवं शुद्ध मन से प्रयास करने चाहिए। गाजा पट्टी में मानवीय सहायता की अपील करने वाला अमरीका, इजरायल को हथियार और गोला-बारूद मुहैया करवा रहा है। वही गोला-बारूद गाजा पट्टी के निहत्थे लोगों पर दागा जा रहा है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इजरायल पर अचानक हुए हमले में ईरान का हाथ हो सकता है। ईरान के नेताओं ने हमले पर प्रोत्साहन और समर्थन के साथ युद्ध को आक्रामक बनाये रखने और इजरायल को ध्वस्त करने पर बल दे रहे हैं। हालातों को देखते हुए यही प्रतीत होता है कि हालिया जंग के पीछे ईरान है और वो अपने मंसूबे में कामयाब होता दिख रहा है। निश्चित ही दोनों पक्षों के हजारों लोग पीड़ित होंगे, लेकिन जब धुआं शांत हो जाएगा, तो केवल एक ही देश के हित पूरे होंगे और वो देश है ईरान। इन हालातों में युद्ध को समाप्त करने की कोई भी पहल सार्थक साबित हो तो कैसे?
इजरायल-हमास की ही तरह रूस और यूक्रेन युद्ध भी 600 से अधिक दिन से चल रहा है। इस युद्ध में दस हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इस युद्ध में एक तरफ रूस है तो दूसरी तरफ यूक्रेन है, जिसके पीछे अमरीका खड़ा है। निःसंदेह हमास ने इजरायल पर जिस तरह की बर्बरता, क्रूरता एवं अमानवीयता की, उसकी जितनी निंदा की जाए उतनी ही कम है। सवाल यह है कि गाजा पट्टी पर इजरायली हमलों में निर्दाेष लोग जिस तरह से मारे जा रहे हैं, क्या बदले की कार्रवाई की आड़ में वह भी हमास जैसी बर्बरता एवं अमानवीयता नहीं है? शरणार्थी शिविरों, स्कूलों और अस्पतालों पर बमबारी को तो किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। यह भी बर्बरता ही है, जिसका समर्थन नहीं किया जा सकता। इजरायल पर हमले के लिए हमास दोषी है, तो उसे सबक सिखाया जा सकता है। लेकिन, जवाबी कार्रवाई के नाम पर निहत्थे लोगों को निशाना बनाने का तो कोई समर्थन कैसे कर सकता है? ऐसी स्थितियां तो युद्ध नीति के भी विरुद्ध है। हिंसा, उन्माद एवं आतंक की धरती पर शांति की पौध नहीं उगायी जा सकती। अशांत विश्व को शांति का सन्देश देने के लिये भारत को अधिक प्रयत्न करने होंगे। क्योंकि युद्ध के भयावह दुष्परिणामों से समस्त विश्व भयाक्रांत है, इसीलिये अब इजरायल-हमास और रूस और यूक्रेन में युद्ध-विराम की आवाज चारों ओर से उठ रही है। इन दोनों युद्धों के भयंकर कदमों के पीछे बहुत छोटे कारण, संकीर्णताएं एवं वैचारिक मतभेद रहे हैं।

Static 1 Static 1

For more information, click on the Image

Advertisement
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
Pahad ki Khabar

Related Posts

नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन जी से भेंट कर उन्हें नए दायित्व के लिए बधाई दी

December 22, 2025
Read More

श्री दुष्यंत कुमार गौतम, जो भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव हैं, से शिष्टाचार भेंट की

October 31, 2025
Read More

युवा मुख्यमंत्री धामी से प्रेरित होकर युवाओं ने लगाई सरकार की योजनाओं पर मुहर

September 28, 2025
Read More
Leave A Reply Cancel Reply

https://pahadkikhabar.com/wp-content/uploads/2026/02/mdda1.mp4
https://pahadkikhabar.com/wp-content/uploads/2026/02/mdda2.mp4
Top Posts

एलायंस फ्रांसेस देहरादून में कार्यालय स्थापित करेगा

July 8, 2023

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ‘अपणि सरकार’ नागरिक सेवाएं आपके द्वार योजना का फ्लैग ऑफ किया।

July 8, 2023

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साइकिलिस्ट आशा मालवीय ने भेंट की।

July 8, 2023

उत्तराखण्ड में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे तो होगी कड़ी कार्रवाई

July 27, 2023
Don't Miss
Uncategorized

स्त्री: अनीता चमोली

March 26, 2026 Uncategorized

कभी कभी सोचती हूँ मै भावनाओं की किताब तो नही पढने पर फिर क्यूँ लगाते…

Read More

देवी भागवत कथा और सोमेश्वर में पूजन में शामिल हुईं रेखा आर्या

March 26, 2026

कैबिनेट मंत्री से शिष्टाचार भेंट, भगवान सेम मुखेम मंदिर का चित्र भेंट: सीए राजेश्वर पैन्यूली

March 26, 2026

रामनवमी पर एएसजी आई हॉस्पिटल का बड़ा सेवा कार्य, 150 लोगों की आंखों की जांच सूर्यकांत धस्माना बोले सेवा ही सच्ची आस्था, ऐसे शिविर समाज के लिए वरदान

March 26, 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo

Pahad Ki Khabar is a leading Hindi online news analysis portal. Launched in 2023, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.

Address: 120 Lohiyapuram, Tyagi road,
Dehradun, Uttarakhand – 248001
Email Us: info@pahadkikhabar.com

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
Our Picks

स्त्री: अनीता चमोली

March 26, 2026

देवी भागवत कथा और सोमेश्वर में पूजन में शामिल हुईं रेखा आर्या

March 26, 2026

कैबिनेट मंत्री से शिष्टाचार भेंट, भगवान सेम मुखेम मंदिर का चित्र भेंट: सीए राजेश्वर पैन्यूली

March 26, 2026
Most Popular

एलायंस फ्रांसेस देहरादून में कार्यालय स्थापित करेगा

July 8, 2023

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ‘अपणि सरकार’ नागरिक सेवाएं आपके द्वार योजना का फ्लैग ऑफ किया।

July 8, 2023

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साइकिलिस्ट आशा मालवीय ने भेंट की।

July 8, 2023
© 2026 Pahad Ki Khabar All Rights Reserved.
  • होम
  • About Us
  • Terms and Conditions
  • Privacy Policy
  • Contact Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.