हमने आज श्रंृगार किया है
भारत माँ का तिरंगे से
और सज रही है इसमें
दुल्हन की तरह भारत माँ
रंगा है हमारे वीरों ने इसे
अपने गर्म लहू से
तभी तो लहराता है ये शान से
देता है संदेश विश्व को
एकता, शांति भाई चारे का
तिरंगे के इन तीन रंग को
आजाद फिजा में लहराने दो
लेकिन झुक जाता है ये
जब सीमा पर कोई लाल
होता है माँ पर कुर्बान
तब ये लगा लेता है उसे
अपने सीने से उसकी शहादत पर
और गर्व से कहता है यह-
मेरे लाल महान!

उत्तराखंड (देहरादून)



