
जीवन में एक लक्ष्य बनओ,
अंजानी राहों में खुद को मत भटकाओं।l
जीवन में कोई यहां साथ न देगा,
आस लगाओगे तो, दर्द ही मिलेगा।l
हृदय पुष्प को मत मुरझाओ,
किसी के आगे मत झुक जाओ।
खुद को इतना लोह बनाओ,
दुश्मन को दांतो चने चब्वाओ।l
हिम्मत यदि तुम हार जाओगे,
दुष्ट जनो से मात खाओगे।l
अर्न्तमन में जब चोट लगेगी,
आत्मविश्वास तब तेरी दवा बनेगी।l
अपना धीरज कभी न खोना,
दूजों के आगे कभी न रोना।l
दर्द को तुम हथियार बना लो,
अश्रुओं को उसकी धार बना लोll
सम्मान के लिए लड़ना सीखो,
स्वयं का रक्षक बनना सीखो।l
अपने लक्ष्य को पाना सीखो,
विजय ध्वज लहराना सीखो।l
अनीता चमोली
उत्तराखंड देहरादून



