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जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल जनगणना का प्रशिक्षण, घर-घर सर्वे से नागरिक गणना तक, दो चरणों में संपन्न होगी प्रक्रिया, बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए अलग समय-सारणी
पहली बार पूर्णतः डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही जनगणना-2027 के दृष्टिगत देहरादून जिला प्रशासन ने व्यापक एवं सुव्यवस्थित तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। इसी क्रम में 25 से 27 फरवरी तक आईआरडीटी सभागार, देहरादून में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण में जनगणना संबंधी अधिकारी, चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं सेन्सस क्लर्क प्रतिभाग कर रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना की नई डिजिटल प्रणाली, मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग तथा जनगणना प्रबंधन की प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों द्वारा व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से डिजिटल डेटा संकलन, सूचना प्रविष्टि, डेटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा मानकों, पारदर्शिता तथा समयबद्ध क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी। प्रथम चरण 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संचालित होगा, जिसके अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं भवन गणना की जाएगी। इस दौरान कच्चे एवं पक्के मकानों की स्थिति, शौचालय, पेयजल सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विवरण घर-घर जाकर एकत्र किया जाएगा।
द्वितीय चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित होगा, जिसमें नागरिकों की गणना का कार्य संपादित किया जाएगा। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में यह कार्य 11 से 30 सितंबर 2026 के बीच कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था के अंतर्गत परिवार पहली बार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसका सत्यापन प्रगणक द्वारा किया जाएगा।
मोबाइल एप आधारित होगी पूरी प्रक्रिया
अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा ने प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। सभी अधिकारी एवं कार्मिक प्रशिक्षण को गंभीरता से लें तथा अपनी शंकाओं का समाधान कर जनगणना कार्य को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से पूर्ण करें।
उन्होंने बताया कि इस बार संपूर्ण जनगणना कार्य मोबाइल एप्लिकेशन आधारित होगा। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे। साथ ही, संपूर्ण संचालन, पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन के लिए ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ का उपयोग किया जाएगा।
जनपद की प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित कर प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया गया है, जो जनगणना कार्य के सफल क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभाएगा। वेब मैपिंग एवं क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग कर हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण, सीमाओं का निर्धारण एवं सत्यापन, कार्य की निगरानी तथा आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित की जाएगी।
सभी प्रशिक्षण गतिविधियां वेब पोर्टल के माध्यम से संचालित होंगी। पहले क्षेत्रीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, तत्पश्चात वे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। मास्टर ट्रेनर द्वारा सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से डिजिटल डेटा संकलन की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है तथा प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर द्वारा जनगणना संबंधी अधिकारी, चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक तथा सेन्सस क्लर्क को डिजिटल डेटा संकलन हेतु सीएमएमएस पोर्टल का तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी देने के साथ उनकी शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला जनगणना अधिकारी /अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप निदेशक (जनगणना) तान्या सेठ, जिला प्रभारी प्रदीप यादव एवं कुलदीप चौहान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



