मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने जीवन पर्यंत शिक्षा, समानता और स्वाभिमान की अलख जगाई। उन्हीं के मार्ग का अनुसरण करते हुए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर, सामाजिक समरसता और न्याय के सपने को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।



