मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जमीनी निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्त जोर इंदिरा मार्केट, आढ़त बाजार और तहसील परिसर मल्टीलेवल पार्किंग की प्रगति की समीक्षा
देहरादून। उत्तराखंड में शहरी विकास को नई गति देने की कवायद तेज हो गई है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार अपनी सक्रिय और जमीनी कार्यशैली को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। फाइलों तक सीमित रहने के बजाय वे योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत देहरादून को आधुनिक, सुव्यवस्थित और यातायात की दृष्टि से सक्षम शहर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इंदिरा मार्केट पुनर्विकास: 1050 कार पार्किंग की व्यवस्था
इंदिरा मार्केट पुनर्विकास परियोजना के तहत प्रभावित दुकानदारों को आधुनिक और सुव्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य तेजी से जारी है। सी और डी ब्लॉक में दो तल का बेसमेंट निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि ऊपरी तल का निर्माण प्रगति पर है।
परियोजना में तीन तल के बेसमेंट के साथ लगभग 1050 कार पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। लक्ष्य है कि दिसंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण कर दुकानों का आवंटन प्रारंभ किया जाए। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
आढ़त बाजार परियोजना: जाम से मिलेगी राहत
हरिद्वार बाइपास पर लगभग 7.7 हेक्टेयर भूमि में विकसित की जा रही आढ़त बाजार परियोजना को शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तहसील चौक से सहसपुर चौक तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण योजना के साथ इस परियोजना से शहर के मध्य क्षेत्र में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
यहां 650 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी लेवल पार्किंग, वेयरहाउस, कार्यालय, एसटीपी, पार्क और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
तहसील परिसर में 1000 वाहनों की मल्टीलेवल पार्किंग
तहसील परिसर में प्रस्तावित मल्टी लेवल कार पार्किंग परियोजना के तहत लगभग 1000 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित करने की योजना है। इस संबंध में दरबार साहिब के साथ वार्ता प्रक्रिया जारी है। सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण सचिव, संबंधित अभियंता और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। स्पष्ट किया गया कि देहरादून के समग्र विकास के लिए पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
शहर की यातायात व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और पार्किंग समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में इन परियोजनाओं को अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि तय समयसीमा में इन योजनाओं को पूरा कर देहरादून को नई रफ्तार देने का लक्ष्य किस हद तक साकार हो पाता है।



