चंपावत/ जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के विशेष निर्देशों के अनुपालन में, आगामी चैत्र नवरात्र के पावन पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने टनकपुर स्थित सुप्रसिद्ध पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बूम क्षेत्र, ठुलीगाड़, भैरव मंदिर और सेलागाड़ जैसे प्रमुख पड़ावों पर स्थित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की बारीकी से जांच की। विशेष रूप से ठुलीगाड़ और बूम क्षेत्र में आयोजित होने वाले भंडारों का निरीक्षण कर वहां परोसी जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को परखा गया। इस दौरान भंडारा आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार करने और उसके वितरण में पूर्ण स्वच्छता एवं शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
मेला मार्ग पर स्थित भैरव मंदिर और अन्य क्षेत्रों के भोजनालयों एवं फास्ट फूड केंद्रों की जांच करते हुए संचालकों को परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और सभी खाद्य पदार्थों को अनिवार्य रूप से ढककर रखने की हिदायत दी गई। इसके पश्चात टीम ने टनकपुर मुख्य बाजार के विभिन्न किराना प्रतिष्ठानों का रुख किया, जहां मुख्य रूप से कुट्टू के आटे के स्टॉक और उसकी गुणवत्ता की जांच की गई। हालांकि, निरीक्षण के दौरान किसी भी दुकान पर कुट्टू के आटे का विक्रय या संग्रह नहीं पाया गया, फिर भी खाद्य कारोबारियों को इस संबंध में पूर्व में जारी विभागीय दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और विशेष सावधानी बरतने के लिए सचेत किया गया।
जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अभियान दल ने विभिन्न किराना स्टोरों से सेंधा नमक, पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर और मुरमुरा प्रसाद के कुल तीन नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
इस निरीक्षण अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी और सहायक दिनेश फर्त्याल मुख्य रूप से सम्मिलित रहे



