भारत का पहला विश्वविद्यालय बना जिसने पूर्ण इम्पैक्ट असेसमेंट किया, उन्नत कौशल प्रशिक्षण पर विशेष फोकस
देहरादून,
UPES ने अपने ‘यूनिवर्सिटी फॉर टुमॉरो’ विज़न की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ‘अस्पायर इम्पैक्ट’ से ‘गोल्ड लीफ’ प्रमाणन प्राप्त किया है। इस अवसर पर गुरमीत सिंह (राज्यपाल, उत्तराखंड) द्वारा इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट 2024–25 और ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन रिपोर्ट जारी की गई, साथ ही देहरादून परिसर में बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग (BEST) सेंटर का शुभारंभ भी किया गया।
इस उपलब्धि के साथ UPES भारत का पहला विश्वविद्यालय बन गया है जिसने स्कोप 1, 2 और 3 उत्सर्जनों को शामिल करते हुए व्यापक इम्पैक्ट असेसमेंट और पूर्ण GHG अकाउंटिंग को एकीकृत रूप से पूरा किया है। ‘अस्पायर इम्पैक्ट’ के 4P फ्रेमवर्क—प्रोडक्ट, पीपल, प्लैनेट और पॉलिसी—पर आधारित इस मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को इनक्लूज़न और एमिशन मैनेजमेंट में प्लेटिनम स्तर का प्रदर्शन मिला।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि UPES उच्च शिक्षा में एक राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है, जहां शिक्षा के साथ-साथ कौशल, नवाचार और सामाजिक-पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर भी समान जोर दिया जा रहा है।
UPES के वाइस चांसलर डॉ. सुनील राय ने कहा कि संस्थान हर स्तर पर प्रभाव को मापने और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने BEST सेंटर को इंजीनियरिंग शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और उद्योग के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
BEST सेंटर मेकाट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, मोशन कंट्रोल, सेंसर टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री 5.0 जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में रवि किरण रामासामी (चीफ ह्यूमन रिसोर्सेस ऑफिसर, बजाज ऑटो लिमिटेड) ने भी संबोधित करते हुए उद्योग की बदलती जरूरतों और कौशल विकास पर अपने विचार साझा किए।
समारोह का समापन डॉ. राम शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें मनीष मदान और डॉ. सचिन शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्य उपलब्धियां:
भारत का पहला विश्वविद्यालय जिसने पूर्ण इम्पैक्ट असेसमेंट किया
‘अस्पायर इम्पैक्ट’ से ‘गोल्ड लीफ’ प्रमाणन
48% छात्र वंचित समुदायों से
32% कार्यबल में महिलाएं
100% अपशिष्ट जल का उपचार (Zero Discharge System)
2031 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में अग्रसर
इन पहलों के माध्यम से UPES एक ऐसे संस्थान के रूप में उभर रहा है जो स्थिरता, समावेशन और उद्योग-संरेखित शिक्षा के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व और कौशल का निर्माण कर रहा है।



