करीब ढाई दशक के लंबे इंतजार के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर को ऐतिहासिक सौगात मिल गई है। Narendra Modi ने शनिवार को Noida International Airport के पहले चरण का उद्घाटन कर इसे औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित किया। इसके साथ ही देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट संचालन में आ गया है, जो क्षेत्रीय विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि जेवर एयरपोर्ट युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा और किसानों, उद्योगों तथा रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने इसे “डबल इंजन सरकार” की कार्यशैली का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे पूरे क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होगी।
कार्यक्रम में Yogi Adityanath ने इसे राज्य के विकास का नया अध्याय बताया। इस मौके पर Anandiben Patel, Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
क्षेत्रीय विकास, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
Noida International Airport को उत्तर भारत के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। पहले चरण में यह एयरपोर्ट सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा, जबकि भविष्य में इसकी क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
यह एयरपोर्ट Indira Gandhi International Airport के साथ मिलकर ड्यूल-एयरपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करेगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते एयर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेंगे।
एयरपोर्ट के आसपास मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग जोन, एमएसएमई क्लस्टर और इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इससे निवेश बढ़ेगा, निर्यात को गति मिलेगी और हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कृषि क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि किसानों के उत्पाद सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंच सकेंगे।
पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से Taj Mahal, मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल, नमो भारत ट्रेन और मेट्रो नेटवर्क से जुड़कर यह एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा कनेक्टिविटी हब बन जाएगा।
आधुनिक तकनीक और ‘नेट-जीरो’ पहचान
Noida International Airport को अत्याधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है। इसका डिजाइन भारतीय संस्कृति से प्रेरित है, जिसमें गंगा, यमुना और हिंडन नदियों की लहरों की झलक दिखाई देती है।
एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो बड़े विमानों के संचालन में सक्षम है। साथ ही आधुनिक नेविगेशन सिस्टम के कारण खराब मौसम में भी उड़ानें संभव होंगी।
यह देश का प्रमुख ‘नेट-जीरो’ उत्सर्जन वाला एयरपोर्ट होगा, जहां सोलर एनर्जी, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्ष भवन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया गया है।
उत्तर भारत के विकास का नया इंजन
कुल मिलाकर, Noida International Airport केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का नया इंजन बनकर उभर रहा है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए आयाम स्थापित करेगी।



