श्री दरबार साहिब से लेकर एसजीआरआर विश्वविद्यालय तक शान से फहराया तिरंगा, राष्ट्रभक्ति में रंगे कार्यक्रम

देहरादून।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) सहित एसजीआरआर समूह के समस्त शिक्षण संस्थानों में 76वां गणतंत्र दिवस देशभक्ति, राष्ट्र गौरव एवं भारतीय संविधान के प्रति आस्था के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, एसजीआरआर विश्वविद्यालय तथा समूह के अन्य संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज पूरे सम्मान, आन-बान और शान के साथ फहराया गया।
श्री दरबार साहिब परिसर में सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण कर देश व प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने ध्वजारोहण कर अनुशासित परेड की सलामी ली। एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस कंटिनजेंट तथा विश्वविद्यालय के 11 संघटक स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सुसंगठित परेड ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया और युवाओं की राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा को समझने और राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति में योगदान देने वाले संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों की सराहना करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एनसीसी सीनियर अंडर ऑफिसर आकृति रावत, अंडर ऑफिसर निधि सोग्रवाल, अंडर ऑफिसर आदित्य पटवाल एवं सार्जेंट प्रियंका को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने संविधान निर्माताओं के सपनों को साकार करने एवं राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक सहभागिता निभाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं, जहां से जिम्मेदार, संस्कारित और राष्ट्रभक्त नागरिक तैयार होते हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं अनुशासनपूर्ण वातावरण के बीच राष्ट्रप्रेम की भावना चरम पर रही। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



