होली का पर्व नजदीक आते ही घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो गया है। राजधानी दिल्ली समेत यूपी और बिहार रूट पर ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। स्थिति यह है कि अधिकांश ट्रेनों में सभी श्रेणियों—स्लीपर, थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी—में सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं।
रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन बढ़ती मांग के सामने ये इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। मुंबई, गुजरात और बेंगलुरु जैसे महानगरों से उत्तर प्रदेश और बिहार आने वाली ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलना लगभग असंभव हो गया है।
हालात इतने गंभीर हैं कि अब केवल कन्फर्म टिकट ही नहीं, बल्कि वेटिंग टिकट मिलना भी मुश्किल हो गया है। कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी होने के कारण टिकट बुकिंग बंद कर दी गई है।
त्योहार की भीड़ ने बढ़ाई परेशानी
होली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर रुख करते हैं। नौकरीपेशा और छात्र वर्ग खासकर उत्तर भारत के राज्यों में लौटता है, जिससे दिल्ली–यूपी–बिहार रूट पर दबाव कई गुना बढ़ जाता है। इस बार भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।
यात्रियों के सामने सीमित विकल्प
तत्काल कोटा में भी सीटें मिनटों में फुल हो रही हैं।
बसों और निजी वाहनों के किराए में बढ़ोतरी देखी जा रही है, कई यात्री जनरल डिब्बों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
रेलवे प्रशासन लगातार अतिरिक्त कोच और स्पेशल ट्रेनों के संचालन की समीक्षा कर रहा है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
होली से पहले टिकट की यह मारामारी साफ संकेत दे रही है कि इस बार त्योहार पर सफर करना यात्रियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।



