🍀उत्तराखंड देहरादून🍀
शिक्षा का हो रहा
व्यापार तो क्या कीजिए!
गुरु शिष्य का बदल रहा
व्यवहार तो क्या कीजिए!
गुजारा न हो रहा संभव
मेहनत से पढ़ाने मे
खोल दिये महंगे कोचिंग के
बाज़ार तो क्या कीजिए!
हाथ जोड़ रहे है गुरु शिष्यों के आगे
पैसों के सामने झुक रहा
संसार तो क्या कीजिए!
प्रतियोगिता में मिले अंक
अच्छे गरीब विधार्थी को
नौकरी पायी उसने
जिसका बाप था साहूकार
तो क्या कीजिए!
ईमानदार मास्टर को दिखाये
आंख नेता का यदि बेटा
गुरू खड़ा हो झुकाये सिर अपना
हो कर के लाचार तो क्या कीजिए!
अंग्रेजी और हिंदी के भागों में
बंट गयी शिक्षा
हिंदी हो रही अपने ही
घर में बदहाल तो क्या कीजिए!
आदर नहीं हिंद में ही
हिंदी भाषा का
अंग्रेजी के विद्वानों से
चल रही सरकार तो क्या कीजिए!



