नई दिल्ली में 29 से 31अगस्त तक आयोजित हुई स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महापरिषद की छठी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में स्वतंत्रता सेनानियों के सपनो का भारत बनाने का संकल्प लिया गया।महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष 101 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी प्रहलाद प्रजापति के नेतृत्व में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके नई दिल्ली आवास पर मिले प्रतिनिधि मंडल को उन्होंने भरोसा दिया कि वे उनकी पीड़ा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और उनसे स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को राष्ट्रीय परिवार घोषित करने की दिशा में पहल करने का अनुरोध करेंगें।महापरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रहलाद प्रजापति व राष्ट्रीय समन्वयक हरिराम गुप्ता ने केंद्रीय रक्षा मंत्री को बताया कि हिस्दुस्तान की लगभग 2 करोड़ स्वतंत्रा सेनानी परिवारों/ उत्तराधिकारियों की भूमिका देश के नव निर्माण हेतु सुनिश्चित की गई है। साथ ही महापरिषद् देश के लगभग 800 जिलों में स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों के सपनों का भारत बनाने में लोकतंत्र के चारो स्तम्भों, कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका मीडिया तथा सबसे महत्वपूर्ण पाँचवा अंग निजी क्षेत्र (काॅरपोरेट सेक्टर) के साथ निरन्तरता के साथ संवाद रखते हुये देश के हित में स्वच्छ राजनैतिक वातावरण बनाने का कार्य कर रहा है। उक्त निर्णय के आलोक में भारत सरकार एवं विभिन्न प्रदेशों की राज्य सरकारो से महापरिषद् के माध्यम से अनुरोध करना है कि अखिल भारतीय स्ववंत्रता सेनानीय एवं शहीद परिवार कल्याण महापरिषद् को संवैधानिक दर्जा दिया जाय तथा डिजीटिलाइज्ड परिचय पत्र प्रत्येक उत्तराधिकारियों को केन्द्र/ राज्य सरकारे प्रदान करें। वही राष्ट्रीय जनगणना में अगल से स्वतंत्रता सेनानी परिवारों की गणना की जाए,ताकि देश मे आजादी से जुड़े राष्ट्रीय परिवारों की पहचान हो सके व उत्तराधिकारियों की भूमिका देश भक्ति के जुनून के साथ देश के लिए निर्धारित हो सके। स्वाधीनता सेनानी नन्द किशोर माली व गणेश माधवन की मौजूदगी में महासचिव कुमार पटेल, महिला विंग समन्वयक इंदिरा मिश्रा,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश पंत, अजय नारायण सीतलानी, एसएन मिश्र,मुकेश मर्चेंट, दिवाकर झा,महावीर ढाका,चौधरी विनोद कुमार, सुनील बाजारी,स्वाधीनता सेनानी गणेश माधवन,अप्पा राव नवले,सीतेश गुप्ता, संजय द्विवेदी, सुरेंद्र बुटोला, राम कुमार सिंह स्वतंत्र ,आशा लाल रजनी सीतलानी ,ममता प्रभा,प्रोफेसर वंदना राय ,अप्पा नवले,संजय द्विवेदी ,सुरेंद्र बुटोला ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारो को अपने स्वाभिमान के लिए सतत संघर्ष का संकल्प लिया।इस कोर कमेटी की बैठक में प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के प्रपौत्र मनीष सिन्हा ने आकर अपना खुला समर्थन दिया।स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों की जीवनी शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी देश के स्वतंत्रता सेनानी परिवारो द्वारा की गई है




