भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा चुनाव की तैयारी के बीच कांग्रेस ने भी कमर कस ली है। 28 दिसंबर को स्थापना दिवस में कांग्रेस ने भी लोकसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस के 139 वें स्थापना दिवस पर ‘हैं तैयार हम’ का नारा देते हुए कहा कि हम लोकसभा चुनाव के लिए तैयार हैं।राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कांग्रेस तेलंगाना में चुनावी बाजी जीतकर सरकार बनाने में जरूर सफल रही लेकिन वह दक्षिण भारत का राज्य है। हिंदी बेल्ट में करारी हार से कांग्रेस बैकफुट पर है। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत चुनावी चुनौती देने के लिए इंडिया गठबंधन के बैनर तले एक मंच पर 28 विपक्षी पार्टियां आईं। इस गठबंधन की धुरी कांग्रेस ही है।हिंदी बेल्ट के उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़, राजस्थान जैसे राज्यों में कांग्रेस के सामने बीजेपी से पार पाने की चुनौती है। यूपी की अमेठी सीट पर 2019 में कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी भी हार गए थे और सूबे में पार्टी एक सीट पर सिमट गई थी। राजस्थान और मध्य प्रदेश में तब सत्ता में रहते हुए भी कांग्रेस एक-एक सीट ही जीत सकी थी जबकि छत्तीसगढ़ में पार्टी को 11 में से दो सीटें मिली थीं। बिहार में भी कांग्रेस एक ही सीट जीत सकी थी। 2019 के लोकसभा और हाल के विधानसभा चुनाव में हिंदी बेल्ट में बीजेपी के प्रभुत्व को देखते हुए सवाल ये भी है कि कांग्रेस इससे पार पाने के लिए क्या रणनीति अपनाती है? ऐसा इसलिए भी है क्योंकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी फाइट रहती है। पांच महीनों के भीतर होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस एक बार फिर सड़क पर उतरने जा रही है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के बाद अब अगले महीने से भारत न्याय यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। यह यात्रा पूर्व से पश्चिम भारत के बीच होगी। यह यात्रा 14 जनवरी से लेकर 20 मार्च के बीच मणिपुर से मुंबई तक निकाली जाएगी। इस दौरान यात्रा 14 राज्य और 85 जिलों को कवर करेगी। इस दौरान राहुल गांधी बस से और पैदल 6 हजार 200 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा करेंगे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने बुधवार को बताया कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस पार्टी भारत न्याय यात्रा करेगी। यह मणिपुर से शुरू होकर नगालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात से होते हुए महाराष्ट्र में समाप्त होगी। महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 14 जनवरी को इंफाल में इस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। भारत न्याय यात्रा का मकसद आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक न्याय है। इससे पहले राहुल गांधी ने 7 सितंबर 2022 से 30 जनवरी 2023 तक भारत जोड़ो यात्रा की थी। 145 दिनों की यात्रा तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू होकर जम्मू-कश्मीर में खत्म हुई थी। तब राहुल ने 3570 किलोमीटर की यात्रा में 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया था।



