महिलाओं के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर, नवाचार व स्वरोजगार को बताया विकास का आधार
पौड़ी। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने अपने दो दिवसीय जनपद दौरे के दौरान सर्किट हाउस, पौड़ी में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन व्यवस्था, उत्पादन प्रक्रिया और आय में वृद्धि से जुड़े पहलुओं की विस्तार से जानकारी लेते हुए उनके प्रयासों को सराहनीय बताया।
जनपद मुख्यालय पहुंचने पर राज्यपाल को सुरक्षा बलों ने औपचारिक सलामी दी। इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश्वर पंवार सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सर्किट हाउस में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने पारंपरिक तिलक लगाकर राज्यपाल का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने दो महिलाओं की गोद भराई की रस्म निभाई तथा आंगनबाड़ी के 10 बच्चों को ट्रैकसूट वितरित किए। ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत चार पशु सखियों को स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जिससे उनके कार्यों में तकनीकी सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।
राज्यपाल ने उमंग स्वायत्त सहकारिता, नव उज्जवल स्वयं सहायता समूह, श्री तीमली आजीविका समूह, कृषक उत्पादक संघ, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जिला उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं उपयोगिता की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को देश के प्रमुख महानगरों तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित रणनीति बनाई जानी चाहिए। साथ ही महिलाओं को पंतनगर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण एवं आधुनिक पैकेजिंग व विपणन प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
कार्यक्रम में बालिका स्वस्ति नौटियाल ने राज्यपाल से संवाद करते हुए बाल रोग विशेषज्ञ बनने की इच्छा व्यक्त की तथा सांस्कृतिक प्रस्तुति से उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्यपाल ने बालिका को सम्मानित कर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इसके उपरांत राज्यपाल ने अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद में संचालित सतत एवं समावेशी विकास की विभिन्न पहलों का प्रस्तुतीकरण किया। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, बायोमास ऊर्जा, पर्यटन विकास एवं नवाचार से संबंधित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि बिलखेत में पैराग्लाइडिंग तथा लैंसडाउन के पाली गांव में जिपलाइन व होमस्टे परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त विज्ञान संग्रहालय, इंडोर स्टेडियम एवं कंडोलिया मैदान का विकास कार्य प्रगति पर है, जबकि मोहनचट्टी को आयुर्वेद ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु अस्पतालों, एंबुलेंस सेवाओं एवं डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नशा उन्मूलन अभियान, साइबर अपराध नियंत्रण, मानव तस्करी रोकथाम एवं गुमशुदा बच्चों की खोज से संबंधित कार्यों की जानकारी दी। वहीं मुख्य विकास अधिकारी ने मशरूम, कीवी, सेब एवं फ्लोरीकल्चर जैसी उच्च मूल्य वाली कृषि संभावनाओं पर प्रकाश डाला। डीएफओ महातिम यादव ने वनाग्नि नियंत्रण, लीसा निष्कर्षण एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन के प्रयासों की जानकारी साझा की।
राज्यपाल ने किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण तथा महिलाओं में एनीमिया की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चीड़ (पिरूल) आधारित बायोमास ऊर्जा परियोजनाओं को मजबूत करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी में विकास की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। राज्यपाल ने संसाधनों के समुचित उपयोग, नवाचार को बढ़ावा देने तथा पलायन रोकने की दिशा में ठोस एवं परिणामोन्मुखी प्रयास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पीडी डीआरडीए विवेक उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।



