4 जुलाई 2021 से 4 जुलाई 2026 तक का पाँच वर्षीय सफर
उत्तराखंड की राजनीति में पाँच वर्ष का कार्यकाल केवल समय का पड़ाव नहीं, बल्कि नेतृत्व, निर्णय क्षमता और जनविश्वास की कसौटी भी है। 4 जुलाई 2021 को जब युवा नेता पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह कार्यकाल राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिखेगा। आज पाँच वर्ष पूरे होने पर वे उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बन चुके हैं। यह उपलब्धि ऐसे राज्य में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, जहाँ नेतृत्व परिवर्तन लंबे समय तक राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा रहा।
2021: चुनौतियों के बीच नई शुरुआत
जुलाई 2021 में मुख्यमंत्री पद संभालते समय उत्तराखंड कोविड-19 महामारी के प्रभाव से जूझ रहा था। पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार पर महामारी का गहरा असर था। धामी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, टीकाकरण अभियान तेज करने और पर्यटन गतिविधियों को पुनर्जीवित करने पर जोर दिया। प्रशासनिक निर्णयों में तेजी और लगातार मैदानी दौरे उनकी कार्यशैली की पहचान बने।
2022: जनता का भरोसा और नई सरकार
2022 के विधानसभा चुनाव उत्तराखंड की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हुए। भारतीय जनता पार्टी ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई और पुष्कर सिंह धामी दोबारा मुख्यमंत्री बने। इसके बाद सरकार ने ‘विकल्प रहित संकल्प’ की सोच के साथ बुनियादी ढाँचे, निवेश और जनकल्याण की योजनाओं को गति देने पर बल दिया।
2023: निवेश और वैश्विक पहचान का वर्ष
2023 में उत्तराखंड ने निवेश के क्षेत्र में बड़ी पहल की। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए देश-विदेश के निवेशकों को आमंत्रित किया गया और बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसी वर्ष चारधाम यात्रा ने नए रिकॉर्ड बनाए। सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन ने उत्तराखंड की प्रशासनिक क्षमता और समन्वय को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई।
2024: बड़े फैसले और राष्ट्रीय चर्चा
धामी सरकार का यह कार्यकाल कई महत्वपूर्ण निर्णयों के कारण चर्चा में रहा। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में उत्तराखंड ने देश में अग्रणी भूमिका निभाई। नकल विरोधी कानून को सख्ती से लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया गया। महिला सुरक्षा, धार्मिक पर्यटन, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और प्रशासनिक सुधार भी सरकार की प्राथमिकताओं में रहे।
2025: विकास परियोजनाओं का विस्तार
सड़क, रोपवे, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं और शहरी विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी, होमस्टे नीति, महिला स्वयं सहायता समूह, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य हुए। राज्य सरकार ने रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर भी जोर दिया।
2026: पाँच वर्ष पूरे, नई अपेक्षाएँ
पाँच वर्षों में उत्तराखंड ने राजनीतिक स्थिरता का नया दौर देखा। लेकिन जनता की अपेक्षाएँ अब और अधिक बढ़ गई हैं। रोजगार, पलायन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे विषय सरकार के सामने आगे भी सबसे बड़ी प्राथमिकताएँ रहेंगे।
पाँच वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ
- लगातार पाँच वर्ष का स्थिर नेतृत्व।
- उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने।
- समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल।
- नकल विरोधी कानून और भर्ती प्रक्रिया में सुधार।
- निवेश को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट।
- चारधाम यात्रा के लिए बेहतर व्यवस्थाएँ और आधारभूत ढाँचे का विस्तार।
- सड़क, रोपवे, रेल और हवाई संपर्क पर विशेष फोकस।
- महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को प्रोत्साहन।
- डिजिटल गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार।
चुनौतियाँ अभी भी शेष
विकास की इस यात्रा के बावजूद कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ लगातार प्रयासों की आवश्यकता है। पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकना, युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजित करना, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाना आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
आगे की राह
उत्तराखंड अब अपनी रजत जयंती की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में राज्य को विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना होगा। निवेश के साथ स्थानीय रोजगार, आधुनिकता के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और तेज विकास के साथ पारदर्शी प्रशासन—यही भविष्य के उत्तराखंड की दिशा तय करेगा।
पाँच वर्षों का यह सफर केवल एक मुख्यमंत्री के कार्यकाल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि उस विश्वास की कहानी है, जो जनता ने एक युवा नेतृत्व पर जताया। आने वाले वर्षों में यही विश्वास उत्तराखंड के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी होगा।
5 साल – 5 बड़े फैसले
- समान नागरिक संहिता (UCC)
- नकल विरोधी कानून
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
- चारधाम यात्रा एवं पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर
- डिजिटल गवर्नेंस और निवेश सुधार
5 साल – 5 बड़ी चुनौतियाँ
- पलायन
- रोजगार
- स्वास्थ्य सेवाएँ
- आपदा प्रबंधन
- पर्वतीय क्षेत्रों का संतुलित विकास
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को सफल नेतृत्व के पाँच वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आपका नेतृत्व उत्तराखंड को विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयामों तक पहुँचाता रहे तथा प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।



