
उत्तरकाशी जनपद में विगत कई दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण भागीरथी नदी में सिल्ट (गाद) एवं मलबे की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही अनेक स्थानों पर भूस्खलन एवं सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होने से संपूर्ण क्षेत्र संवेदनशील बना हुआ है।
इन परिस्थितियों के दृष्टिगत यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह ने आज उत्तरकाशी स्थित मनेरी भाली जलविद्युत परियोजना-प्रथम एवं मनेरी भाली जलविद्युत परियोजना-द्वितीय का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर मानसून प्रबंधन, परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत उत्पादन, सिल्ट प्रबंधन, बांधों एवं विद्युत गृहों की परिचालन स्थिति तथा आपदा से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।
निरीक्षण के उपरांत आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून अवधि के दौरान सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी बांधों, विद्युत गृहों एवं महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों का संचालन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी उच्चतम स्तर की सतर्कता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करे।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी मशीनों एवं उपकरणों का संचालन उनकी सुरक्षित परिचालन सीमाओं (Safe Operating Limits) के भीतर करते हुए उपलब्ध जल का वैज्ञानिक एवं दक्षतापूर्ण उपयोग कर अधिकतम विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में भी प्रदेश को निर्बाध एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।
श्री सिंह ने भूस्खलन, अतिवृष्टि, फ्लैश फ्लड एवं अन्य संभावित जोखिमों के मद्देनज़र सभी संवेदनशील स्थलों पर 24×7 निगरानी, अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS), ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS), वास्तविक समय (Real-Time) आधारित मॉनिटरिंग तथा आवश्यक उपकरणों एवं मानव संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड की सर्वोच्च प्राथमिकता जलविद्युत परियोजनाओं का सुरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध संचालन सुनिश्चित करते हुए उत्तराखंड राज्य को निरंतर गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान किया कि मानसून अवधि के दौरान पूर्ण अनुशासन, समर्पण, तकनीकी दक्षता एवं टीम भावना के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करें तथा जनहित एवं ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का उत्कृष्ट निर्वहन सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक पंकज अग्रवाल, उपमहाप्रबंधक राजेश चौकसे, आशुतोष सिंह तथा नवल चौधरी के साथ ही अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



