देहरादून। फूड इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (FIAU) के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर से मुलाकात कर नगर पंचायत सेलाकुई की कार्यप्रणाली के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक इकाइयों पर लगाए जा रहे दोहरे कराधान, अव्यावहारिक संपत्ति मूल्यांकन तथा औद्योगिक लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई। 
बैठक में सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र के सिडकुल, नॉन-सिडकुल और सारा इंडस्ट्रियल एस्टेट की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्योगपतियों ने विधायक को बताया कि सिडकुल क्षेत्र के साथ-साथ सारा इंडस्ट्रियल एस्टेट की इकाइयों पर भी नगर पंचायत द्वारा दोहरा कराधान (Double Taxation) लगाया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत द्वारा औद्योगिक परिसरों का संपत्ति मूल्यांकन अव्यावहारिक और त्रुटिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मूल्यांकन प्रक्रिया को तर्कसंगत और न्यायसंगत बनाया जाए। इसके साथ ही उद्योगपतियों ने नगर पंचायत द्वारा औद्योगिक एवं व्यावसायिक लाइसेंस जारी किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इसके लिए नगर पंचायत के पास वैधानिक अधिकार नहीं हैं।
उद्योगपतियों का कहना था कि विशेषकर नॉन-सिडकुल क्षेत्र में बिना पर्याप्त नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराए एमएसएमई उद्योगों पर भारी करों का बोझ डाला जा रहा है, जिससे उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने बैठक के दौरान ही नगर पंचायत सेलाकुई के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से दूरभाष पर वार्ता की और संपत्ति मूल्यांकन, दोहरे कराधान सहित उद्योगों से जुड़ी सभी समस्याओं का शीघ्र एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रतिनिधिमंडल ने उद्योगों की समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेने और सकारात्मक पहल के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।
बैठक में FIAU के राज्य समन्वयक अनिल मारवाह, राज्य सह-समन्वयक पवन अग्रवाल, अंकुर सिंगल, दीपक रावत (फेयर पेंस), सुरेंद्र नेगी, जितेंद्र सिंह, बृजेश, हरिओम शर्मा, देवेंद्र रावत, अरविंद वर्मा और दीपक वालिया सहित अनेक उद्योगपति उपस्थित रहे।



