Close Menu
Pahad Ki KhabarPahad Ki Khabar
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • देश
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • क्राइम
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
ब्रेकिंग न्यूज़ -
  • इछाड़ी बांध का विश्व बैंक दल द्वारा निरीक्षण, कार्य प्रगति एवं गुणवत्ता की सराहना—नव नियुक्त प्रबंध निदेशक के नेतृत्व की विशेष प्रशंसा
  • डोल आश्रम में मुख्यमंत्री ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग, 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का अभिषेक
  • “क्रोध को करुणा में बदलना ही सबसे बड़ी बहादुरी है।” – विकास कुमार
  • कान्हा शांति वनम में शबद कीर्तन और ध्यान ने सभी धर्मों के लोगों को जोड़ा गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर
  • ICSE की हाईस्कूल एवं ISC इंटरमीडिएट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी मेधावी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं: सीएम धामी
  • एडिफाई वर्ल्ड स्कूल में दो दिवसीय उत्तराखंड पक्षी प्रदर्शनी में सजी विभिन्न पक्षियों की अनोखी दुनिया, छात्रों ने जाना प्रकृति का अनमोल खजाना
  • ग्रीनसेल मोबिलिटी बना रही है भारत के सबसे सुरक्षित इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क्स में से एक
  • डीएम की सख्ती से जिले में 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 ध्वस्त, शेष पर कार्रवाई जारी
  • देहरादून समेत पहाड़ी जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, प्रशासन सतर्क
  • “विपक्ष कर रहा है मातृशक्ति के साथ छल — जनता सब देख रही है!”
Friday, May 1
Facebook X (Twitter) Instagram
Pahad Ki KhabarPahad Ki Khabar
Demo
  • होम
  • उत्तराखण्ड
  • देश
  • शिक्षा
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • क्राइम
Pahad Ki KhabarPahad Ki Khabar
Home » “क्रोध को करुणा में बदलना ही सबसे बड़ी बहादुरी है।” – विकास कुमार
उत्तराखण्ड

“क्रोध को करुणा में बदलना ही सबसे बड़ी बहादुरी है।” – विकास कुमार

Pahad ki KhabarBy Pahad ki KhabarMay 1, 2026Updated:May 1, 2026No Comments
Facebook Twitter WhatsApp Telegram
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp

For more information, click on the Image

विष से अमृत तक: जब लोभ, ईर्ष्या और क्रोध बन गए शक्ति

“मैंने अपना लोभ, ईर्ष्या एवं क्रोध खाया”—यह पंक्ति केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि आत्म-रूपांतरण का एक महाकाव्य है। सामान्यतः हम भोजन से शरीर को पोषण देते हैं, लेकिन जब कोई साधक अपने नकारात्मक विकारों को ‘खाने’ की बात करता है, तो इसका अर्थ उनका दमन नहीं, बल्कि उनका विवेक की अग्नि में ‘पाचन’ और रूपांतरण है। यह स्वयं से स्वयं की जंग है, जहाँ हारने वाला भी अंततः विजेता बनता है।

लोभ का अंत: बुद्ध का ‘मध्यम मार्ग’ और संतोष
लोभ एक अंतहीन गड्ढा है। गौतम बुद्ध के दर्शन में इसे ‘तृष्णा’ कहा गया है। जब हम कहते हैं कि “मैंने अपना लोभ खा लिया”, तो हम अनासक्ति के सिद्धांत को अपनाते हैं। सम्राट अशोक का उदाहरण यहाँ सटीक बैठता है। कलिंग युद्ध तक अशोक का लोभ साम्राज्य विस्तार की सीमाओं को लांघ रहा था, लेकिन बुद्ध के मार्ग पर चलते ही उन्होंने उस लोभ को ‘पचा’ लिया और ‘भेरीघोष’ को ‘धम्मघोष’ में बदल दिया। लोभ को खाना दरअसल यह समझना है कि संसार अनित्य है और सच्चा संचय वस्तुओं का नहीं, बल्कि सद्गुणों का होता है।

ईर्ष्या का रूपांतरण: शिव का विषपान और प्रेरणा
ईर्ष्या वह विष है जो मनुष्य को भीतर ही भीतर खोखला करता है। भारतीय दर्शन में भगवान शिव का हलाहल विष पीना इसी का प्रतीक है। शिव ने विष को न उगला, न निगला, बल्कि कंठ में धारण कर लिया। इसी प्रकार, जब हम अपनी ईर्ष्या को ‘खाते’ हैं, तो हम दूसरों की सफलता से जलने के बजाय उसे ‘प्रेरणा’ बना लेते हैं। मनोवैज्ञानिक अब्राहम मास्लो के ‘आत्म-सिद्धि’ के सिद्धांत के अनुसार, एक श्रेष्ठ व्यक्ति वह है जिसकी प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं के पुराने संस्करण से होती है। ईर्ष्या जब पच जाती है, तो वह आत्म-सुधार की ऊर्जा बन जाती है।

क्रोध का शमन: करुणा की पराकाष्ठा , क्रोध विवेक का सूर्य अस्त कर देता है। क्रोध को ‘खाने’ का अर्थ कायरता नहीं, बल्कि असीम मानसिक शक्ति है। महात्मा गांधी ने अपने भीतर के क्रोध को ‘खाकर’ ही उसे अहिंसा की वैश्विक शक्ति में बदला था। उन्होंने सिखाया कि क्रोध को यदि रचनात्मक रूप दिया जाए, तो वह समाज बदल सकता है। जब हम अपने क्रोध को पचाते हैं, तो वह ‘करुणा’ और ‘धैर्य’ में रूपांतरित हो जाता है। यह प्रतिक्रिया के स्थान पर विवेकपूर्ण उत्तर देने की कला है।

आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में, जहाँ ‘चूहा दौड़’ ने मनुष्य को इन तीन विकारों का दास बना दिया है, यह विचार और भी प्रासंगिक हो जाता है। अपने विकारों को खाना दरअसल अपने अहंकार का विसर्जन करना है। जब मनुष्य अपने लोभ, ईर्ष्या और क्रोध को आत्मसात कर लेता है, तो उसके भीतर एक ऐसी शांति का जन्म होता है जिसे संसार की कोई भी बाहरी शक्ति भंग नहीं कर सकती।

“कल तक मैं दुनिया जीतना चाहता था इसलिए मैं लोभ में था, आज मैंने खुद को जीत लिया है क्योंकि मैंने अपने लोभ, ईर्ष्या और क्रोध को खा लिया है।”

(लेख के कुछ अंश को बुद्ध द्वारा दिए गए सूत्रों से लिया गया है।)

(लेखक विकास कुमार एक जनसंपर्क पेशेवर हैं, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जनसंपर्क के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वे ‘पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया’-पीआरसीआई उत्तरी भारत के संयुक्त सचिव और पीआरसीआई देहरादून चैप्टर के सचिव हैं।)

Static 1 Static 1

For more information, click on the Image

Advertisement
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
Pahad ki Khabar

Related Posts

इछाड़ी बांध का विश्व बैंक दल द्वारा निरीक्षण, कार्य प्रगति एवं गुणवत्ता की सराहना—नव नियुक्त प्रबंध निदेशक के नेतृत्व की विशेष प्रशंसा

May 1, 2026
Read More

डोल आश्रम में मुख्यमंत्री ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग, 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का अभिषेक

May 1, 2026
Read More

डीएम की सख्ती से जिले में 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 ध्वस्त, शेष पर कार्रवाई जारी

April 30, 2026
Read More
Leave A Reply Cancel Reply

https://pahadkikhabar.com/wp-content/uploads/2026/02/mdda1.mp4
https://pahadkikhabar.com/wp-content/uploads/2026/02/mdda2.mp4
Top Posts

इछाड़ी बांध का विश्व बैंक दल द्वारा निरीक्षण, कार्य प्रगति एवं गुणवत्ता की सराहना—नव नियुक्त प्रबंध निदेशक के नेतृत्व की विशेष प्रशंसा

May 1, 2026

एलायंस फ्रांसेस देहरादून में कार्यालय स्थापित करेगा

July 8, 2023

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ‘अपणि सरकार’ नागरिक सेवाएं आपके द्वार योजना का फ्लैग ऑफ किया।

July 8, 2023

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साइकिलिस्ट आशा मालवीय ने भेंट की।

July 8, 2023
Don't Miss
उत्तराखण्ड

इछाड़ी बांध का विश्व बैंक दल द्वारा निरीक्षण, कार्य प्रगति एवं गुणवत्ता की सराहना—नव नियुक्त प्रबंध निदेशक के नेतृत्व की विशेष प्रशंसा

May 1, 2026 उत्तराखण्ड

देहरादून। उत्तराखंड में विश्व बैंक की भागीदारी वाली जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा…

Read More

डोल आश्रम में मुख्यमंत्री ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग, 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का अभिषेक

May 1, 2026

“क्रोध को करुणा में बदलना ही सबसे बड़ी बहादुरी है।” – विकास कुमार

May 1, 2026

कान्हा शांति वनम में शबद कीर्तन और ध्यान ने सभी धर्मों के लोगों को जोड़ा गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर

April 30, 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo

Pahad Ki Khabar is a leading Hindi online news analysis portal. Launched in 2023, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.

Address:Dehradun, Uttarakhand – 248001
Email Us: info@pahadkikhabar.com

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
Our Picks

इछाड़ी बांध का विश्व बैंक दल द्वारा निरीक्षण, कार्य प्रगति एवं गुणवत्ता की सराहना—नव नियुक्त प्रबंध निदेशक के नेतृत्व की विशेष प्रशंसा

May 1, 2026

डोल आश्रम में मुख्यमंत्री ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग, 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का अभिषेक

May 1, 2026

“क्रोध को करुणा में बदलना ही सबसे बड़ी बहादुरी है।” – विकास कुमार

May 1, 2026
Most Popular

इछाड़ी बांध का विश्व बैंक दल द्वारा निरीक्षण, कार्य प्रगति एवं गुणवत्ता की सराहना—नव नियुक्त प्रबंध निदेशक के नेतृत्व की विशेष प्रशंसा

May 1, 2026

एलायंस फ्रांसेस देहरादून में कार्यालय स्थापित करेगा

July 8, 2023

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ‘अपणि सरकार’ नागरिक सेवाएं आपके द्वार योजना का फ्लैग ऑफ किया।

July 8, 2023
© 2026 Pahad Ki Khabar All Rights Reserved.
  • होम
  • About Us
  • Terms and Conditions
  • Privacy Policy
  • Contact Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.