नैनीताल। उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े 124वें श्री नंदा देवी महोत्सव को भव्य एवं व्यवस्थित रूप देने के लिए प्रशासन और आयोजन समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को श्री राम सेवक सभा भवन में उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं आयोजन समिति के पदाधिकारियों की बैठक हुई।
इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘संस्कार, संस्कृति एवं समृद्ध विरासत’ रखी गई है। बैठक में महोत्सव की तैयारियों, सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, दुकानों की व्यवस्था और आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर विभागवार चर्चा की गई।
प्रशासन ने आयोजन स्थल पर पर्याप्त CCTV कैमरे लगाने के साथ सादी वर्दी में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। मैदान को समतल करने, नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने और यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महोत्सव में हिल जात्रा की प्रस्तुति को शामिल करने पर भी चर्चा हुई, जिससे कुमाऊं की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को मंच मिल सके। वहीं कार्यक्रमों के सीधे प्रसारण की व्यवस्था पर भी विचार किया गया, ताकि देश-विदेश में रहने वाले लोग महोत्सव के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ सकें।
महिलाओं से महोत्सव के दौरान कुमाऊंनी पारंपरिक परिधान पहनकर शामिल होने की अपील की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर महिलाओं से सोने के आभूषणों का कम से कम इस्तेमाल करने का अनुरोध भी किया गया।
महोत्सव 16 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक आयोजित होगा। प्रशासन और श्री राम सेवक सभा ने सभी तैयारियां निर्धारित समय से पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा है। बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
आयोजकों ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ कुमाऊं की लोक संस्कृति, परंपराओं और समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच भी है।



